2 जुलाई 2026,

गुरुवार

Patrika Logo
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

झाडू-पौंछा लगाकर बच्चे को पढ़ाया-लिखाया, जवान हुआ तो शराबियों ने कर दी हत्या, पढि़ए, धरने पर बैठी महिलाओं का दर्द…

कोटा में शराब के खिलाफ धरने पर बैठी महिलाओं से राजस्थान पत्रिका ने बात की तो उनका दर्द फूट पड़ा। किसी का घर उजड़ गया तो किसी मां के बेटे की शराबियों ने हत्या कर दी।
3 min read
Google source verification

कोटा

image

Zuber Khan

Apr 07, 2019

women Protest Against Wine Shop

झाडू-पौंछा लगाकर बच्चे को पढ़ाया-लिखाया, जवान हुआ तो शराबियों ने कर दी हत्या, पढि़ए, धरने पर बैठी महिलाओं का दर्द...

कोटा. संतोषी नगर चौराहे पर स्थित शराब के तीन ठेकों को अन्यत्र शिफ्ट करने की मांग को लेकर महिलाओं का धरना छठे दिन शनिवार को भी जारी रहा। महिलाओं का कहना है कि इन्हीं शराब ठेकों पर पिछले चार माह पहले एक मां ने अपने लाल खोया है। अब तो महिलाओं ने ठान लिया है कि जब तक ये ठेके नहीं हट जाते, तब तक यहां से उठेंगी नहीं।

Read More: कोटा में तेज धमाके के साथ मोबाइल में बलास्ट, युवक की दर्दनाक मौत, परिवार में मचा कोहराम

महिलाओं ने आरोप लगाया कि रात में धरना स्थल पर महिलाएं सोती हैं तो पुलिसकर्मी आकर धमकाते हैं। वो कहते हैं कि धरने पर बैठी हो तो सो नहीं सकते। इधर, शनिवार को महिलाएं रेलवे स्टेशन पर स्वायत्त शासन मंत्री शांति धारीवाल से मिली और उन्हें ज्ञापन सौंपा। पत्रिका संवाददाता ने धरने पर बैठी कुछ महिलाओं से बात की तो उनका दर्द छलक उठा। सभी महिलाएं छोटे-मोटे काम कर गुजारा करती हैं। पिछले 6 दिनों से काम पर नहीं जाने के कारण उनका काम भी छूट गया है। उन्होंने बताया कि अब कुछ भी हो जाए, ये ठेके तो हटवाकर ही रहेंगी। इन ठेकों ने उनके घरों को बर्बाद कर दिया है।

mock Drill:कोटावासियों को कुदरत के कहर से बचाने चंबल में उतरी भारतीय सेना
बुढ़ापे की लाठी बनने से पहले चला गया बेटा
धरना स्थल पर बैठी गुड्डी बाई ने बताया कि सालों पहले पति छोटे-छोटे बच्चों को छोड़कर दुनिया से चले गए। उसके बाद घर चलाना मुश्किल हो गया। जैसे-तैसे घरों में झाड़ू-पौंछा कर बच्चों को पढ़ाया-लिखाया। जब बड़ा बेटा रोहित बुढ़ापे में मां की लाठी बनता, उससे पहले ही इन्हीं शराब ठेकों पर 17 दिसम्बर 18 को शराबियों ने उसकी हत्या कर दी। बकौल गुड्डी ' उसी वक्त मैंने सोच लिया था ये ठेके बंद होने चाहिए। जब मौहल्ले की महिलाओं का साथ मिला तो मैं अपना काम छोड़कर पिछले छह दिनों से धरने पर बैठी हूं। छह दिन घरों में काम करने नहीं गई तो वहां से मुझे काम से हटा दिया। मुझे काम तो और मिल जाएगा, लेकिन जब तक ये दुकानें यहां से नहीं हट जाती धरने पर ही बैठी रहूंगी।

Read More: देर रात होटल में आशा सहयोगिनियों की वीडियो बनाने पर हंगामा, CMHO की पत्नी ने संचालक को दी धमकी, Video Viral

छह दिन हो गए घर गए हुए
यहीं चन्द्रकला यादव ने बताया कि जब से धरने पर बैठी हूं, घर नहीं गई। सुबह-शाम खाना भी धरना स्थल पर ही खा रही हूं। नहाना धोना भी पास लगे सरकारी नल पर हो रहा है। उसके बेटे-बहू अलग रहते हैं। चौबीस घंटे धरना स्थल पर बैठे रहने के कारण पति खुद खाना बनाकर खा रहे हैं। मैं मैस में खाना बनाने का काम करती हूं। पिछले छह दिनों से मैस पर नहीं जा रही, वहां से फोन आया कि आपकी जगह खाना बनाने के लिए दूसरी महिला को रख लिया। लेकिन मुझे काम से हटाने से ज्यादा शराब ठेके हटाने की चिंता है। ये ठेके जब तक नहीं हट जाते, धरने पर ही बैठी रहूंगी, काम तो और मिल जाएगा।

OMG:रिश्तों का खून: एक कट्टा गेहूं के लिए बड़े भाई ने छोटे को उतार डाला मौत के घाट, फावड़े से फोड़ा सिर

बच्चों की शक्ल देखे छह दिन हो गए
धरना स्थल पर बैठी हेमलता यादव ने बताया कि छह दिन हो गए बच्चों से मिले हुए। चौबीस घंटे धरना स्थल पर ही रहती हूं। उसने बताया कि वह शादी-पार्टियों में हलवाई के साथ काम करने जाती हूं, लेकिन पिछले छह दिनों से धरना स्थल पर बैठे होने से काम पर नहीं जा रही। बेटी की शादी के लिए बैंक से लोन ले रखा है। उसकी किस्त आज ही जमा होनी थी। काम-धंधे पर नहीं जाने के कारण किस्त जमा नहीं करवा पाई। अब एक हजार रुपए पैनल्टी भरनी पड़ेगी, लेकिन मुझे पैनल्टी से ज्यादा चिंता शराब के चक्कर में बर्बाद हो रहे घरों की है। अब तो ठेके हटने के बाद ही घर जाऊंगी।

BIG News: कोटा की प्राइम लोकेशन पर यूआईटी बनाएगी आवासीय कॉलोनी, 25 करोड़ का पार्क और लग्जरी होंगी सुविधाएं!

मेरा तो घर ही बर्बाद हो रहा है
पिछले छह दिनों से धरने पर बैठी मंजू बाई ने बताया कि मेरे घर में पति व बेटा शराब पीते हैं। इसके चलते मेरा घर ही बर्बाद हो रहा है। मुझे घर चलाने के लिए काम पर जाना पड़ता है। घर-घर झाड़ू पौंछा कर जैसे तैसे घर चला रही हूं। धरने पर बैठे होने से जिन घरों में काम करने जाती थी, वहां से काम से हटा दिया है। मुझे इसका कोई मलाल नहीं है। पहले ये ठेके यहां से हट जाएं तो काम फिर मिल जाएगा। जब तक ये ठेके नहीं हटेंगे, धरने पर ही बैठी रहूंगी।

Read More: Patrika .com/kota-news/deadly-attack-on-wine-salesmen-in-kota-4366760/" target="_blank">शराब की दुकान में गांजा पी रहे बदमाशों ने दुकानदार को मारे चाकू, सीने में उतरा खंजर, हालात नाजुक

स्वायत्त शासन मंत्री ने दिया आश्वासन
पार्षद राखी गौतम, यूथ कांग्रेस जिलाध्यक्ष मोहित गौतम के साथ धरना स्थल पर बैठी महिलाओं का एक प्रतिनिधिमंडल स्वायत्त शासन मंत्री शांति धारीवाल से रेलवे स्टेशन पर मिला। उन्हें शराब ठेके हटाने के लिए ज्ञापन सौंपा। धारीवाल ने महिलाओं से कहा कि मुझे आपके संघर्ष के बारे में पता है। उन्होंने आश्वासन दिया कि अधिकारियों से बात कर इन ठेकों को अन्यत्र स्थानांतरित करवाएंगे।