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हाड़ौती के खेतों में उगेगा पीला सोना

. दामों में तेजी से सोयाबीन का बढ़ेगा रकबा, दाम दुगुने . सोयाबीन की बुवाई का आंकड़ा 7.50 लाख हैक्टेयर पहुंचेगा
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कोटा

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Ranjeet Singh Solanki

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Updated: 15 Jun 2021, 11:53 AM IST

हाड़ौती के खेतों में उगेगा पीला सोना

हाड़ौती के खेतों में उगेगा पीला सोना

झालावाड़. मानसून की निकटता को देखकर किसान खरीफ की फसलों की बुवाई की तैयारी में जुट गए हैं। हाड़ौती में इस बार खेत पीला सोना यानी सोयाबीन से लहलहाएंगे। इस साल हाड़ौती में सोयाबीन की रिकॉर्ड बुवाई होने की संभावना है। सोयाबीन का रकबा बढऩे पर प्रमाणिक बीज की किल्लत की आशंका के चलते कृषि विभाग ने किसानों को अपने यहां उत्पादित सोयाबीन से ही बीज तैयार करने की एडवाइजरी जारी की है। कृषि विभाग कोटा खण्ड की ओर से हाड़ौती के चारों जिलों में खरीफ की बुवाई का लक्ष्य तय किया है। इसमें खरीफ सीजन में 11.68 लाख हैक्टेयर फसलों की बुवाई का लक्ष्य रखा गया है। जिसमें अकेले सोयाबीन की बुवाई ही 7.50 लाख हैक्टेयर होने की संभावना है। जो पिछले दो दशक में सर्वाधिक है। अमूमन हाड़ौती में 6 से 6.50 लाख हैक्टेयर ही सोयाबीन की बुवाई होती है। उड़द दूसरे व मक्का की बुवाई तीसरे स्थान पर रहेगी। जबकि पिछले साल मक्का की बुवाई अधिक हुई थी। सोयाबीन की बुवाई का रकबा बढऩे का मुख्य कारण दामों में भारी तेजी को माना जा रहा है। इस साल सोयाबीन के दाम सर्वकालिक तेजी पर रहे हैं। कोटा ग्रेन एण्ड सीड्स मर्चेन्ट्स एसोसिएशन के अध्यक्ष अविनाश राठी का कहना है कि पिछले साल सोयाबीन 3000 से 3500 रुपए प्रति क्विंटल बिकी थी, इस साल 6000 से 6500 रुपए प्रति क्विंटल बिकी है। इस कारण किसानों को सोयाबीन मुनाफे की खेती लग रही है। हाड़ौती में धान की बुवाई दूसरे नम्बर पर रहती है, लेकिन लॉकडाउन के कारण बिहार से श्रमिकों न आ पाने से धान की नर्सरी तैयार नहीं हो पाई है। इस कारण इस बार धान की बुवाई कम होगी। धान की बुवाई एक लाख हैक्टेयर के आसपास रहेगी। यो भी बासमती चावल के निर्यात की समस्या के चलते दो-तीन साल से धान के दाम न्यूनतम स्तर पर चल रहे हैं। कृषि विभाग कोटा खण्ड के संयुक्त निदेशक डा. रामावतार शर्मा का कहना है कि दामों में भारी तेजी से किसानों का रुझान सोयाबीन की बुवाई की ओर रहेगा। इस बार सोयाबीन की सर्वाधिक बुवाई होगी। इसके हिसाब से खाद-बीज का बंदोबस्त किया जा रहा है। राजस्थान राज्य बीज निगम के क्षेत्रीय प्रबंधक आरके जैन ने बताया कि राजस्थान राज्य बीज निगम के क्षेत्रीय प्रबंधक आर.के. जैन ने बताया कि हमारे पास प्रमाणिक बीज का पर्याप्त स्टॉक है। अनुमादित दर पर बीज उपलब्ध कराने का आवंटन अभी तक कृषि विभाग से नहीं हुआ है। आवंटन होते ही आपूर्ति चालू कर दी जाएगी। सोयाबीन बीज की डिमांड इतनी है कि सहकारी समितियां बाजार दर पर बीज लेने को तैयार है।