कोटा. पेट दर्द को नजर अंदाज करना युवक के लिए जानलेवा साबित हुआ। पहले लापरवाही और फिर समय रहते चिकित्सक के पास नहीं जाने का खमियाजा जिन्दगी से हाथ धोकर चुकाना पड़ा। उपचार के लिए चिकित्सकों के पास पहुंचने में इतनी देर हो गई उनके प्रयास भी काम न आ सके। कुछ ऐसा ही हुआ मध्यप्रदेश के गुना-बीना निवासी बंसीलाल के साथ। पेट की आंत फटने से मंगलवार सुबह एमबीएस अस्पताल में उसकी मौत हो गई। मृतक के परिजनों को सूचना देने पर उन्होंने शव लेने से इंकार कर दिया और बहु-मासूम पौती को अपनाने से भी साफ मना कर दिया। पत्नी अस्पताल के बाहर लावारिस हालत में पति की लाश के सामने विलाप करती रही। दोनों के परिजनों ने कोटा आने से भी इंकार कर दिया।
जानकारी के अनुसार मध्यप्रदेश के गुना-बीना निवासी बंसीलाल ने दो वर्ष पूर्व परिजनों की मर्जी के खिलाफ प्रेम विवाह किया था। इसके बाद वे कोटा आ गए। यहां अनंतपुरा थाना क्षेत्र के तलाव बस्ति में किराए से रह रहा था। वह यहां मजदूरी कर परिवार का पेट पाल रहा था। बंसीलाल को काफी दिनों से पेट दर्द की शिकायत थी। जिसे वह नजरअंदाज करता रहा। सोमवार को तबीयत खराब होने पर मकान मालिक व पत्नी ने उसे निजी अस्पताल में भर्ती कराया। जहां चिकित्सकों ने जांच की तो पेट की आंत फटने की बात सामने आई। इलाज के लिए पैसे न होने पर निजी अस्पताल ने सोमवार रात को बंसीलाल को एमबीएस अस्पताल रैफर कर दिया। जहां इलाज के दौरान मंगलवार सुबह उसकी मौत हो गई। पत्नी पर मुसीबतों का पहाड़ टूट पड़ा। परिजनों के कोटा आने से इंकार करने के बाद मकान मालिक ही शव लेकर गए।
अनाथ हो गई पत्नी और मासूम बेटी
प्रेम विवाह के चलते बंसीलाल और उसकी पत्नी के परिजनों ने दोनों से ही नाता तोड़ लिया। जिसके सहारे जिंदगी बसाई वह भी दुनिया छोड़ गया। ऐसे में पत्नी और डेढ़ साल की बेटी अनाथ हो गई। मृतक के परिजनों ने बहु अैर पौती को अपनाने से मना कर कोटा आने से भी इंकार कर दिया। इससे वे दोनों कोटा में लावारिस हो गए।