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माहौर क्षत्रिय स्वर्णकार समाज का युवक-युवती परिचय सम्मेलन कल

माहौरक्षत्रिय स्वर्णकार समाज धर्मशाला ट्रस्ट की ओर से माहौरक्षत्रिय स्वर्णकार समाज का युवक-युवती परिचय सम्मेलन 29 मार्च को बसंत विहार ​िस्थत स्वर्णकार धर्मशाला परिसर में आयोजित किया जाएगा।
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कोटा

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Abhishek Gupta

Mar 27, 2026

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नागरिक सहकारी बैंक के अध्यक्ष राजेश बिरला का स्वागत करते माहौर क्षत्रिय स्वर्णकार समाज के पदा​धिकारी।

Kota News: माहौरक्षत्रिय स्वर्णकार समाज धर्मशाला ट्रस्ट की ओर से माहौरक्षत्रिय स्वर्णकार समाज का युवक-युवती परिचय सम्मेलन 29 मार्च को बसंत विहार ​िस्थत स्वर्णकार धर्मशाला परिसर में आयोजित किया जाएगा। इसके पोस्टर का विमोचन शुक्रवार को समाजबंधुओं की उपस्थिति में नागरिक सहकारी बैंक के अध्यक्ष राजेश बिरला ने किया।

अध्यक्ष अशोक कुमार सोनी ने बताया कि परिचय सम्मेलन सुबह 11 बजे दीप प्रज्वलन के साथ प्रारंभ होगा। 11.30 बजे अतिथियों का सम्मान एवं स्मारिका विमोचन होगा। दोपहर 12 बजे परिचय सम्मेलन प्रारंभ होगा। परिचय सम्मेलन में आने वाले युवक-युवती मंच पर आकर अपना परिचय देंगे। अभिभावक भी अपने बच्चों के लिए यहां आकर उनका विवरण दे सकते हैं।

महामंत्री ओम प्रकाश सोनी ने बताया कि परिचय के पश्चात कुण्डली मिलान के लिए पंडित की व्यवस्था की गई है। विवाह योग्य युवक-युवतियों की स्मारिका भी प्रकाशित की जाएगी। उपाध्यक्ष बाबूलाल सोनी एवं योगेन्द्र कुमार सोनी ने बताया कि कार्यक्रम को भव्य बनाने के लिए तैयारियों को अंतिम रूप दिया जा रहा है।

इस अवसर पर कोषाध्यक्ष बृजेन्द्र कुमार सोनी, सहमंत्री मनमोहन सोनी, श्याम सुन्दर सोनी, कार्यकारिणी सदस्य जुगल किशोर सोनी, बच्चू सिंह सोनी, हरि सिंह सोनी, सुनील कुमार सोनी, सतपाल सोनी, ललित किशोर सोनी, मनीष सोनी एवं समस्त समाज बंधु मौजूद रहे।

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45 करोड़ की सड़क एक साल में दूसरी बार टूटी, गुणवत्ता पर सवाल यपाटन मार्ग पर करीब 45 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित 22.50 किलोमीटर लंबी सड़क एक वर्ष के भीतर दूसरी बरसात भी नहीं झेल पाई। सड़क एक साल में दूसरी बार क्षतिग्रस्त हो गई है, जिससे निर्माण सामग्री की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। इस बार सुवासा, बाजड और जमीतपुरा गांव के बीच करीब 15 स्थानों पर डामर जगह-जगह से उखड़ गया है और गिट्टी बाहर निकलने लगी है। क्षतिग्रस्त सड़क पर पैचवर्क की मांग को लेकर ग्रामीणों ने शनिवार को सुवासा कस्बे में विरोध प्रदर्शन किया। ग्रामीणों का कहना है कि सड़क पर बने गहरे गड्ढों के कारण विशेष रूप से रात्रि के समय वाहन चालकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है। अंधेरे में गड्ढे दिखाई नहीं देने से आए दिन दोपहिया और चारपहिया वाहन चालक गिरकर चोटिल हो रहे हैं। ग्रामीणों ने प्रशासन और सार्वजनिक निर्माण विभाग से तत्काल पैचवर्क और सड़क की स्थायी मरम्मत कराने की मांग की है। जानकारी के अनुसार, तालेड़ा से केशोरायपाटन तक सड़क निर्माण के लिए 45 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए थे। निर्माण कार्य 15 अगस्त 2022 से शुरू हुआ था और इसे सितंबर 2023 तक पूरा किया जाना था, लेकिन सड़क के दोनों ओर लगभग डेढ़ मीटर पटरी निर्माण का कार्य अभी भी कई स्थानों पर अधूरा पड़ा है। ग्रामीणों के अनुसार, सड़क पर लगभग एक वर्ष पूर्व डामरीकरण किया गया था, लेकिन दिसंबर 2025 में सुवासा, बाजड और जमीतपुरा के बीच करीब 20 स्थानों पर सड़क उखड़ गई थी। उस समय संवेदक द्वारा पैचवर्क कर सड़क की मरम्मत की गई थी, लेकिन मरम्मत कार्य की गुणवत्ता संतोषजनक नहीं रही। परिणामस्वरूप जुलाई 2026 में दूसरी बरसात शुरू होते ही सड़क फिर से उखड़ गई और कई स्थानों पर गिट्टी निकलने लगी है। लगातार टूट-फूट के कारण सड़क धीरे-धीरे बड़े गड्ढों में तब्दील होती जा रही है। इस मार्ग से प्रतिदिन करीब तीन हजार से अधिक छोटे-बड़े व भारी वाहन गुजरते हैं। यह सड़क नेशनल हाईवे 52 व मेगा हाईवे को जोड़ती है। सड़क की बदहाल स्थिति के कारण वाहन चालकों, किसानों, मजदूरों और आसपास के गांवह/वें के लोगों को रोजाना परेशानी झेलनी पड़ रही है। कई बार शिकायत करने के बावजूद अब तक स्थायी समाधान नहीं हो पाया है। अभिषेक गुर्जर, सहायक अभियंता, सार्वजनिक निर्माण विभाग, तालेड़ा ने बताया कि तालेड़ा से सुवासा के बीच कुछ स्थानों पर सड़क क्षतिग्रस्त हुई है और सड़क निर्माण का कुछ कार्य अभी शेष है। संवेदक का पूरा भुगतान अभी नहीं हुआ है। क्षतिग्रस्त सड़क की मरम्मत करने के निर्देश संवेदक को दे दिए गए हैं। सड़क वर्तमान में गारंटी अवधि में है और इसकी मरम्मत संवेदक द्वारा ही कराई जाएगी।

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