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Kota Fire: कोटा जिले में खड़ी गेहूं की फसल में लगी भीषण आग, करीब 200 बीघा फसल जलकर राख

Kota Fire: कोटा जिले में शुक्रवार को गेहूं के खेतों में भीषण आग लग गई, जिससे करीब 200 बीघा फसल जलकर राख हो गई। आग इतनी भयानक थी कि किसी को कुछ समझ नहीं आ रहा था। दूर-दूर तक धुआं और आग देख किसानों में दहशत फैल गई।

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कोटा

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Kamal Mishra

Mar 27, 2026

Kota Fire

गेहूं के खेतों में आग लगने के दौरान की तस्वीर (फोटो-पत्रिका)

कोटा। जिले के सुल्तानपुर क्षेत्र में शुक्रवार को खेतों में खड़ी गेहूं की फसल में भीषण आग लगने से किसानों को भारी नुकसान उठाना पड़ा। पुराने पेट्रोल पंप के पास स्थित खेतों में अचानक आग भड़क उठी और तेज हवा के कारण देखते ही देखते कई खेत इसकी चपेट में आ गए। आग की लपटें इतनी तेज थीं कि दूर-दूर तक धुआं दिखाई देने लगा, जिससे आसपास के किसानों में भी दहशत फैल गई।

घटना की जानकारी मिलते ही ग्रामीणों ने प्रशासन और पुलिस को सूचित किया। सूचना मिलने पर सुल्तानपुर थाना अधिकारी दौलत साहू पुलिस जाप्ते के साथ मौके पर पहुंचे और तुरंत कंट्रोल रूम से दमकल सहायता मांगी। आग लगातार फैलती जा रही थी, इसलिए सुल्तानपुर के साथ ही दीगोद और अन्य स्थानों से भी दमकल वाहन बुलाए गए। दमकलकर्मियों और ग्रामीणों ने मिलकर आग बुझाने का प्रयास शुरू किया, लेकिन तेज लपटों के कारण काफी देर तक स्थिति काबू में नहीं आ सकी।

इन किसानों के फसलें जली

इस आगजनी में कई किसानों की खड़ी गेहूं की फसल जलकर राख हो गई। कचोलिया निवासी किसान जगदीश मीणा के 54 बीघा खेत की फसल पूरी तरह जल गई, जबकि जालमपुरा निवासी महावीर मीणा के 14 बीघा खेत में से करीब 6 बीघा फसल आग की चपेट में आ गई। इसके अलावा गिर्राज जांगिड़, किशन कुमार मेघवाल, चंद्रप्रकाश सुमन, अब्दुल राहुफ लाहौरी, राजेश और सीताराम मेघवाल सहित कई किसानों के खेतों में भी आग फैल गई। कुल मिलाकर करीब 200 बीघा तक की फसल प्रभावित होने का अनुमान है।

दमकल समय से नहीं पहुंचने का आरोप

प्रभावित किसानों के मुताबिक, उनका कई लाख का नुकसान हुआ है। किसान पिछले 4 महीने से दिनरात एक करके फसल तैयार किए थे। आग लगने से उनकी कड़ी मेहनत जलकर राख हो गई। किसानों ने आरोप लगाया कि दमकल समय पर नहीं पहुंची और पानी का प्रेशर भी कम था, जिससे आग पर जल्दी काबू नहीं पाया जा सका।

शार्ट-सर्किट से आग लगने की आशंका

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार आग लगने का कारण अभी स्पष्ट नहीं हो पाया है, लेकिन बिजली के तारों में स्पार्किंग से आग लगने की आशंका जताई जा रही है। किसानों ने यह भी आरोप लगाया कि आग लगने के बावजूद बिजली सप्लाई बंद नहीं की गई, जिससे आग तेजी से फैलती चली गई।