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राजस्थान के इस शहर में आधुनिक तकनीक से हो रही खेती, जानें किसको मिलेगा ग्रीन हाउस पर सब्सिडी का लाभ

ग्रामीण क्षेत्रों में गिरते भू-जल स्तर के कारण किसानों ने खेती की आधुनिक तकनीकों को अपना कर खेती का कार्य आसान बना लिया है। पहले किसान खेतों में मौसम के अनुरूप सब्जियां-फलों की खेती करते थे, वर्तमान समय में पॉली हाउस एवं ग्रीन हाउस, लो टनल जैसे संरक्षित ढांचों को अपना कर गैर-मौसमी सब्जियों की खेती करने लगे है।

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कुचामनसिटी. ग्रामीण क्षेत्रों में गिरते भू-जल स्तर के कारण किसानों ने खेती की आधुनिक तकनीकों को अपना कर खेती का कार्य आसान बना लिया है। पहले किसान खेतों में मौसम के अनुरूप सब्जियां-फलों की खेती करते थे, वर्तमान समय में पॉली हाउस एवं ग्रीन हाउस, लो टनल जैसे संरक्षित ढांचों को अपना कर गैर-मौसमी सब्जियों की खेती करने लगे है। किसान इस प्रकार की खेती करके अधिक उत्पादन कर रहे है। और अच्छा खासा मुनाफा भी कमा रहे है।

नंगवाड़ा सरपंच मनोज कुमार लोरा ने बताया कि ग्राम पंचायत नंगवाड़ा के किसानों में पाली हाऊस एवं ग्रीन हाऊस को लेकर काफी उत्साह है। गांव में लगभग अब तक 30 से अधिक किसान ग्रीन हाऊस एवं पॉली हाऊस का निर्माण करवा चुके हैं। गुगड़वार के किसान गोविन्द राम मुण्ड ने बताया कि उसने पॉली हाऊस लगा कर अच्छा मुनाफा कमाया है। इससें खेती करने में आसनी होती है। फसलों को आवारा पशुओं से भी बचाया जा सकता है। इस पॉली हाऊस से फसल के एक सीजन में लगभग 8 से 10 लाख तक मुनाफा कमाया जा सकता है। ग्रीन हाउस में उगाई जा रही सब्जियों में मौसम का कोई असर नहीं पड़ता है।

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ग्रीन हाऊस एवं पॉली हाऊस में सर्दियों में पाळे और गर्मियों में धूप की तेज तपिश से सुरक्षित रहती है। इससे मौसम और कीट-रोग जनित नुकसान को काफी हद तक कम किया जा सकता है। इससे किसानों को आर्थिक संकट नहीं झेलना पड़ता है। इसी वजह से किसानों में इनकी ओर ज्यादा आकर्षित हो रहे हैं। ग्रामीण क्षेत्र में ग्रीन हाऊस एवं पॉली हाऊस निर्माण के लिए सरकार की ओर से अनुदान दिया जाता है। इससे किसान कम लागत में ग्रीन हाऊस का निर्माण करवा सकते हैं। राष्ट्रीय बागवानी मिशन के तहत ग्रीन हाऊस एवं पॉली हाऊस के लिए सरकार किसानों को 50 से 70 प्रतिशत अनुदान देती है।


किसको कितना मिलता है अनुदान
ग्रीन हाऊस निर्माण के लिए सामान्य वर्ग के किसानों को इकाई लागत पर 50 प्रतिशत सब्सिडी सरकार के द्वारा दी जाती है। तथा लघु, सीमांत, एससी, एसटी वर्ग के किसानों को इकाई लागत पर 70 प्रतिशत अनुदान दिया जाता है। इस अनुदान योजना का लाभ लेने के लिए किसान को कम से कम 4000 वर्ग मीटर का ग्रीन हाउस स्थापित करना होता है।

सिर्फ इन किसानों को मिलेगा लाभ
ग्रीन हाउस पर सब्सिडी योजना का लाभ हर जरूरतमंद किसान तक पहुंच सके। इसलिए योजना की पात्रता निर्धारित की गई है। इसमें किसान के पास खुद की खेती योग्य जमीन का होना अनिवार्य है। किसान राजस्थान का मूल निवासी होना चाहिए। खेत में सिंचाई की व्यवस्था होनी चाहिए। साथ ही खेत में अन्य सुविधाएं भी होनी चाहिए।

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राजस्थान में किसानों के लिए चलाई जा रही ग्रीन हाउस एवं पॉली हाऊस योजना में सब्सिडी का लाभ पाने के लिए किसानों को राज साथी किसान के ऑफिशियल पोर्टल पर अप्लाई कर सकते है। किसान अपने नजदीकी जन सेवा केंद्र या ई-मित्र सेंटर पर जाकर भी आवेदन कर सकते हैं। कृषि अधिकारी राजेन्द्र ढाका ने बताया कि जनाधार, जमाबंदी, नक्शा कम्पनी का कोटेशन, लघु सीमांत का प्रमाण, मिट्टी व पानी की जांच की रिपोर्ट आदि दस्तावेज के साथ आवेदन किया जा सकता है। अधिक जानकारी के लिए कृषि या बागवानी विभाग के कार्यालय में भी संपर्क कर सकते हैं।


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