
पिता ने खोयी अपनी आवाज
कुशीनगर. उत्तर प्रदेश के कुशीनगर में गुरुवार की सुबह विशुनपुरा थानाक्षेत्र के दुदही मानव रहित रेलवे फाटक पर ट्रेन और स्कूल बस की टक्कर में मृत बच्चों के गांवों में शुक्रवार को भी दर्दनाक खामोशी का माहौल रहा। हर किसी के सीने में मासूमों की मौत का गम था। सबसे ज्यादा गमगीन माहौल पडरौना के मडुरही गांव में था, जहां हैदर नाम के व्यक्ति के दो बेटों की मौत इसी दुर्घटना में हुई। चूंकि हैदर सऊदी अरब रहते थे इसलिये उनके इंतजार में अंतिम संस्कार शुक्रवार की दोपहर किया गया। उधर मिश्रौली गांव के अमरजीत के घर समाजवादी पार्टी का एक प्रतिनिधि मंडल पहुंचा और वहां अखिलेश यादव से उनकी बात करायी।
मिश्रौली निवासी अमरजीत की पत्नी किरन देवी गांव की प्रधान हैं। उनके दो बेटे रवि, अनूप और बेटी रागिनी की ट्रेन हादसे में मौत हो गयी। इस सदमे से अमरजीत अपनी आवाज ही खो बैठे हैं। समाजवादी पार्टी का प्रतिनिधि मंडल अमरजीत के आवास पर पहुंचा। वहां उन लोगों ने परिवार को ढाढस बंधाया। प्रतिनिधि मंडल एमएलसी राम अवध के नेतृत्व में पहुंचा था। ये लोग पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के कहने पर पहुंचे थे। वहां पहुंचने के बाद एमएलसी ने अखिलेश यादव को फोन लगाया और अमरजीत से बात करानी चाही पर आवाज चले जाने के चलते वह बात नहीं कर पाए।
इसके बाद एमएलसी ने अखिलेश यादव से कहा कि आवाज चले जाने के अमरजीत बात का जवाब नहीं दे पाएंगे, आप अपनी बात उनेस कह दें और फोन को स्पीकर पर डाल दिया। अखिलेश यादव ने कहा कि इस दुख की घड़ी में वह परिवार के साथ खड़े हैं। जल्दी ही वह कुशीनगर आकर परिवारों से मिलेंगे। इसके अलावा उन्होंने हर संभव मदद का भरोसा दिलाया।
by AK Mall
Published on:
27 Apr 2018 10:24 pm
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