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Phalodi Satta Bazar: यूपी के सातवें चरण में फलोदी सट्टा बाजार का सपा की 9 सीटों को लेकर बड़ा अपडेट 

UP Lok Sabha election Phalodi Satta Bazar: उत्तर प्रदेश का लोकसभा चुनाव बहुत ही दिलचस्प होता जा रहा हैं। सातवें चरण की वोटिंग 1 जून को होनी हैं उससे पहले गठबंधन की सरकार को लग सकता हैं बड़ा झटका। आइये जानते हैं ...

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लखनऊ

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Ritesh Singh

May 29, 2024

Lok Sabha election

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Phalodi Satta Bazar: उत्तर प्रदेश में सातवें और आखिरी चरण के चुनाव में 13 सीटों पर मतदान होगा। पिछले चुनाव में इस चरण की 8 सीटों पर सपा ने अपने प्रत्याशी उतारे थे। सभी सीटों से उसे निराशा ही हाथ लगी। तब के चुनाव में सपा बसपा का गठबंधन था। बता दें, 2019 के चुनाव में 13 में से 9 भाजपा और 2-2 सीटें अपना दल सोनेलाल और बसपा ने जीत का परचम फहराया था।

सपा-कांग्रेस का गठबंधन (7th Phase Voting)

2024 के आम चुनाव में इंडी गठबंधन में कांग्रेस-सपा शामिल हैं। गठबंधन के सीट बंटवारे में सपा 63 और कांग्रेस 17 सीटों पर चुनाव लड़ रही है। इस चरण की 9 सीटों पर सपा और चार पर कांग्रेस चुनाव लड़ रही है। सपा के खाते में गोरखपुर, कुशीनगर, घोसी,सलेमपुर, बलिया, गाजीपुर, चंदौली, मिर्जापुर और राबर्टसगंज (सु०) सीट आई हैं। शेष चार सीटें महाराजगंज, बांस गांव (सु०), देवरिया और वाराणसी कांग्रेस के पास हैं। इस चुनाव में बसपा अकेले मैदान में हैं।

2019 के चुनाव में सपा इन सीटों पर लड़ी

 पिछले चुनाव में सपा ने 8 और बसपा ने 5 सीटों पर अपने प्रत्याशी उतारे थे। सपा जीरो पर बोल्ड हुई और बसपा दो सीटें जीतने में कामयाब रही। 2019 में सपा ने महाराजगंज, गोरखपुर, कुशीनगर, बलिया, चंदौली, वाराणसी, मिर्जापुर और राबर्टसगंज (सु०) सीट पर प्रत्याशी उतारे थे। शेष पांच सीटों देवरिया, बांसगांव , घोसी, गाजीपुर और सलेमपुर पर बसपा के उम्मीदवार मैदान में थे। बसपा ने घोसी और गाजीपुर दो सीटें जीती थी।

सपा का 9 सीटों पर प्रदर्शन

18वीं लोकसभा चुनाव में सपा के खाते में जो सीटें आई हैं, उन पर उसका पिछला प्रदर्शन औसत ही रहा हैं। ज्यादातर सीटों पर वो दूसरे और तीसरे नंबर की पार्टी रही है। दो-तीन सीटों पर उसका ट्रैक रिकार्ड बेहतर रहा है। पिछले 10 सालो  में इन सीटों पर भाजपा और एनडीए की स्थिति मजबूत हुई हैं।

गोरखपुर

गोरखपुर सीट भाजपा का मजबूत किला मानी जाती हैं । इस सीट पर सिर्फ 1 बार 2018 के उपचुनाव में सपा को सफलता मिली। इस सीट पर 1991 से लगातार भाजपा काबिज है। पिछले तीन दशकों में सपा यहां दूसरे और तीसरे नंबर की पार्टी रही है। 1996, 98, 99 और 2004 के चुनाव में सपा दूसरे नंबर पर रही। 2009 में सपा तीसरे स्थान पर लुढ़क गई। 2014 के चुनाव में सपा प्रत्याशी राम मती निषाद और 2019 में रामभुआल निषाद दूसरे नंबर पर रहे।