
कुशीनगर. एफसीआई एवं पीडीएस में भ्रष्टाचार को बेहद सुनियोजित तरीके से अंजाम दिया जाता है। सरकारी अनाज में गोलमाल करने के सबसे पहले खाद्य एवं विपणन (हाट शाखा) निर्धारण में ही नियमों को दरकिनार कर दिया जाता है। अधिकतर गोदाम खाद्यान्न के कारोबार से जुड़े हुए लोगों से संबंधित हैं या फिर ब्रोकर या ट्रांसपोर्टर की सुविधा के हिसाब से तय किए गये हैं।
बता दें कि कोटेदारों को सरकारी अनाज उपलब्ध कराने के लिए जिले के तकरीबन हर ब्लॉक में खाद्य एवं विपणन विभाग(हाट शाखा) के गोदाम बनाये गये है। इन्हीं गोदामों पर सार्वजनिक वितरण प्रणाली के अनाज रखे जाते है। इसके अलावा किसानों से धान व गेहूं खरीदने के प्रमुख के यह गोदाम प्रमुख केंद्र होते हैं। इन गोदामों के निर्धारण के लिये सरकार ने कुछ नियम बना रखे हैं। सरकार द्वारा बनाये गये तमाम नियमों में प्रमुख नियम यह है कि खाद्य एवं विपणन विभाग का गोदाम किसी ट्रांसपोर्टर, मिलर या व्यापारी के गोदाम तथा घर के करीब नहीं होना चाहिए।
किसी राइस मिल के गोदाम के पास अथवा आबादी के बीच में नहीं होना चाहिए। परंतु गोदामों के निर्धारण में इस प्रमुख शर्त को ही ताक पर रख दिया गया है। जिले के नेबुआ- नौरंगिया विकास खंड के हाट शाखा का गोदाम लक्ष्मीपुर गांव के पास राष्ट्रीय राजमार्ग 28 बी के किनारे स्थित है। यह गोदाम कुशीनगर जिले के बड़े खाद्यान्न कारोबारी व खाद्य एवं विपणन विभाग के अनाज ढुलाई ठेकेदार ( ट्रांसपोर्टर ) का है। गोदाम के एक हिस्से पर ढुलाई ठेकेदार का कब्जा रहता है।
यहां तक कि सरकारी गोदाम व ठेकेदार के कब्जेवाले गोदाम को बांटने वाली दीवार में एक शटर लगा दिया गया है। जब इच्छा हो इधर का माल उधर किया जा सकता है। यही हाल हाटा विकास खंड के गोदाम का है। यह गोदाम भी एक बडे ढुलाई ठेकेदार व अनाज के कारोबारी का है। नीचे खाद्य एवं विपणन विभाग का गोदाम है ऊपर व्यापारी का आवास है।
पडरौना व विशुनपुरा ब्लॉक का गोदाम पडरौना नगर में है। कुल मिलाकर जिले के अधिकतर खाद्य एवं विपणन विभाग के गोदाम सरकारी मानकों के अनुरूप नहीं हैं। अनाज का गोलमाल करने वालों को इससे काफी मदद मिलती है।
BY- A.K. MALL
Published on:
08 Jul 2018 11:03 pm
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