कुशीनगर. सरकार से वार्ता विफल होने के बाद उत्तर प्रदेश के सभी जिलों की तरह कुशीनगर जनपद के शिक्षामित्रों ने भी आंदोलन की राह पकड़ ली है। शुक्रवार को अध्यापन कार्य बंद कर शिक्षामित्रों ने बीएसए कार्यलय पर सत्याग्रह किया। नाराज शिक्षामित्रों नें डीएम कार्यालय के सामने भी नारेबाजी की। शिक्षामित्रों के अध्यापन से किनारा कस लेने चलते शुक्रवार को करीब 200 प्राथमिक विद्यालयों में ताले लटके रहे।
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मालूम रहे कि अपने एक फैसले में देश की सबसे बड़ी अदालत ने शिक्षामित्रों का सहायक अध्यापक पद हुए समायोजन को रद्द कर दिया है। यद्यपि सुप्रीम कोर्ट ने टीईटी की परीक्षा उत्तीर्ण कर शिक्षामित्रों को सहायक अध्यापक बनने का मौका दे रखा है लेकिन शिक्षामित्र न्यायालय के फैसले को अपने हितों के विपरीत मान रहें हैं। शिक्षामित्रों को उम्मीद थी कि प्रदेश सरकार जरूर कोई न कोई बीच का रास्ता निकाल लेगी।

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परंतु बुधवार को शिक्षामित्रों के नेताओं व प्रदेश सरकार के बीच वार्ता भी विफल हो गई। इसके बाद शिक्षामित्रों ने एकबार फिर आंदोलन की राह पकड़ ली है। इसबार शिक्षामित्रों ने अपने आंदोलन को सत्याग्रह का नाम दिया है। शुक्रवार को एक बड़ी तादात में जिले के शिक्षामित्र जिला बेसिक अधिकारी के कार्यालय पर एकत्र हो गए और राष्ट्रीय ध्वज फहरा कर शिक्षामित्रों ने अपना सत्याग्रह शुरू कर दिया। आक्रोशित शिक्षामित्रों ने डीएम कार्यालय के सामने भी नारेबाजी की।
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सत्याग्रह में बोलते हुए रामप्रवेश ने कहा कि जब प्राथमिक शिक्षा पटरी ले उतर चुकी थी तब शिक्षामित्रों ने महज 3500 रुपये प्रतिमाह के मानदेय पर शिक्षण कार्य किया और शिक्षा व्यवस्था को पटरी पर ला दिया। आज अचानक अयोग्य कैसे हो गए। पूनम मिश्रा का कहना था कि सरकार नौकरी बहाल करे या फिर हम सभी शिक्षामित्रों को फांसी दे दे। अजय सिंह, अनिल सिंह, राजकुमार समेत सभी शिक्षामित्रों का कहना था कि यह सत्याग्रह बंद नहीं होगा बल्कि इसमें और धार दी जाएगी।

इस मौके पर शिक्षामित्रों के जिला अध्यक्ष प्रभु नंद उपाध्याय ने बताया कि 17, 18 व 19 अगस्त को बीएसए दफ्तर पर और 21 अगस्त को लखनऊ के लक्ष्मण मेला मैदान में सत्याग्रह किया जायेगा। इसके बाद शिक्षामित्र 25 अगस्त दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शन करेंगे. शुक्रवार को शिक्षामित्रों के सत्याग्रह में महिला शिक्षामित्रों की संख्या ज्यादा थी जो तेज धूप व उमस के बावजूद पूरे जोश के साथ आंदोलन में हिस्सा ले रहीं थीं। शिक्षामित्रों के शिक्षण कार्य से विरत हो जाने के चलते करीब 200 प्राथमिक विद्यालय शुक्रवार को बंद रहे।
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