
लखीमपुर खीरी जिले में 14 सितंबर 2022 को दो नाबालिग दलित बहनों की पेड़ पर लटकती हुई लाश मिली थी। इन दोनों बहनों की रेप के बाद हत्या कर दी गई थी। हादसा के बाद यूपी सरकार ने कार्रवाई करते हुए 6 आरोपियों को गिरफ्तार किया था। 14 दिन के अंदर में चार्जशीट फाइल भी हो गई थी।
पीड़ित परिवार को 25 लाख रुपए के मुआवजे, एक घर और सरकारी नौकरी का भी वादा किया गया था। इस मामले में कांग्रेस नेताओं ने आर्थिक सहायता देने का वादा किया था। उस वादा को निभाते हुए कांग्रेस ने चेक भेजा था। इस चेक को लेकर जब परिवार बैंक गया तो उनकोे बताया गया कि चेक बाउंस हो गया है।
कांग्रेस के नेताओं का हुआ चेक बाउंस
घटना के बाद से सभी राजनीतिक दलों के नेता पीड़ित परिवार से मिलने पहुंचे थें। पीड़ित परिवार के साथ फोटो खिंचवाते हुए उन्होंने आर्थिक मदद के नाम पर चेक दिए और न्याय दिलाने का वादा भी किए थे। 68 दिन बाद जब परिजन बैंक पहुंचे तो यूपी कांग्रेस कमेटी का 2 लाख रुपए का चेक, कांग्रेस विधायक वीरेंद्र कुमार चौधरी का एक लाख का चेक और यूपी नवनिर्माण सेना के अध्यक्ष अमित जानी का एक लाख का चेक बाउंस हो गया।
परिवार का अधिकारियों पर आरोप
परिवार का कहना है चेक बाउंस होना उनके साथ मजाक है। परिवार ने बताया कि अधिकारियों ने लिखित में आर्थिक मदद और फास्ट ट्रैक कोर्ट में सुनवाई का भरोसा दिया था। इनमें 16 लाख रुपए तो पीड़ित परिवार को मिले थे लेकिन प्रशासन ने जो लिखित में दिया था वह अभी तक नहीं मिला है।
Updated on:
25 Nov 2022 10:35 pm
Published on:
25 Nov 2022 10:34 pm
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