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आज से बंद हो जायेगा दुधवा नेशनल पार्क, टाइगर साइटिंग के लिए देश के कोने-कोने से पहुंच रहे लोग

सैलानियों की अच्छी भीड़ दुधवा में उमड़ रही है...

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Dudhwa National Park close today in Lakhimpur Kheri

आज से बंद हो जायेगा दुधवा नेशनल पार्क, टाइगर साइटिंग के लिए देश के कोने-कोने से पहुंच रहे लोग

लखीमपुर खीरी. तन को झुलसा देने वाली तेज धूप, भीषण गर्मी के बावजूद दुधवा टाइगर रिजर्व में सैलानियों की भीड़ नजर आ रही है। 15 जून को दुधवा का पर्यटन सत्र समाप्त होने जा रहा है उससे पहले टाइगर साइटिंग के इरादे से यहां देश के अलग-अलग हिस्सों से टूरिस्ट पहुंच रहे हैं। हालांकि बुकिंग की स्थिति सामान्य ही कही जाएगी, इसीलिए यह अच्छा अवसर है कि आप दुधवा स्टे का इरादा लेकर यहां आए और साथ में टाइगर साइटिंग भी कर लें।


रोज आती हैं 30-35 गाड़ियां

इस समय सलूकापुर और सठियाना रेंज में औसतन रोजाना 35 गाड़ियां दो शिफ्टों में जंगल जा रही हैं। इस तरह से यह माना जा रहा है कि सैलानियों की अच्छी भीड़ दुधवा में उमड़ रही है। इसके अतिरिक्त सैलानी किशनपुर सेंचुरी में भी दुर्लभ प्रजाति के वन्य जीवों के दीदार करने जा रहे हैं। यहां पर झादीताल में उन्हें विभिन्न प्रजाति के पक्षियों का झुंड और बारहसिंघा और टाइगर आसानी से नजर आ रहे हैं।

उत्साह से लबरेज नजर आ रहे सैलानी

इस बचे हुए समय में दुधवा की सुंदरता को निहारने और यहां पाए जाने वाले दुर्लभ वन्यजीवों को देखने के लिए उत्साह से लबरेज सैलानी पहुंच रहे हैं। यहां लखनऊ, लखीमपुर, सीतापुर, फैजाबाद आदि जगहों के सैलानी जंगल भ्रमण को पहुंचे। लखीमपुर की रीया और खुशबू अपने परिवार के साथ दुधवा भ्रमण को पहुंची। वे लोग पहली बार यहां आए। बताया कि उम्मीद है कि उन्हें दुधवा के टाइगर नजर आ जाएंगे इसी सोच के साथ वे जंगल भ्रमण जा रहे हैं। फैजाबाद की भारती सोनी, गीता, पूनम, नीलम पहली बार दुधवा आई हैं। उन्हें सोमवार को शाम की शिफ्ट में जंगल जाने का मौका मिला। बताया कि जंगल काफी खूबसूरत लग रहा है। उम्मीद है कि जंगल के अंदर जाने के बाद उन्हें दुर्लभ प्रजाति के वन्य जीव नजर आ जाएंगे।

दुधवा की विशेषता

दुधवा में बंगाल टाइगर, एक सींघ वाले गैंडे पर्याप्त संख्या में पाए जाते हैं। इसके अलावा यहां भालू, पांच प्रजाति के हिरन, 450 से अधिक तरह के पक्षी भी बहुतायत में मिलते हैं। इस समय गर्मी और धूप की वजह से जानवर पानी के स्त्रोत के आस पास अवश्य आते हैं। इसीलिए उनके दिखने की संभावना भी बढ़ जाती है। दुधवा में पानी के स्त्रोत भदरौला ताल, बांकेताल, झादीताल के आस पास वन्यजीव जरूर जा रहे हैं जहां उन्हें देखा जा सकता हैं।