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बाढ़ में फंसी जिंदगी, लोग कर रहे पलायन

बाढ़ में फंसी जिंदगी, लोग कर रहे पलायन

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lakhimpur kheri

बाढ़ में फंसी जिंदगी, पेड़ों पर रहकर कर रहे जिन्दगी बसर

लखीमपुर खीरी. दशकों से बाढ़ की त्रासदी झेल रहे लखीमपुर खीरी में जल प्रलय जैसे हालात पैदा हो गए हैं। आलम यह है कि आधी आबादी बाढ़ की विभिषिका की चपेट में आ चुकी है। सिलसिलेवार ढंग से बनबसा बैराज से छोड़ा जा रहे पानी से लखीमपुर खीरी में हाहाकार मच चुका है। हजारों हेक्टेयर फसलें जलमग्न हो गई हैं। सैकड़ों गांव में बाढ़ का पानी घुस चुका है, जिधर भी देखों बाढ़ के पानी के सिवा कुछ और नहीं दिख रहा है। तबाही का यह मंजर हर कोई देख कर सिहर उठा है। लेकिन प्रशासनिक अफसर अभी भी सब कुछ ठीक-ठाक होने का नगाड़ा पीट रहे हैं। दर्जनों ऐसे गांव हैं। जहां सरकारी इमदाद पहुंचने की बात तो दूर रही अभी तक प्रशासनिक अमले को बाढ़ पीड़ितों की सुध लेने तक की फुर्सत नहीं मिली है। जबकि बाढ़ पीड़ित अपनी जान बचाने की जद्दोजहद कर रहे हैं।

आलम यह है कि रात में पानी की सरसराहट से बाढ़ पीड़ित सिहर उठते हैं। वही दिन में दो वक्त की रोटी भी उन्हें नसीब नहीं हो रही है। दर्जनों परिवार अपना आशियाना छोड़ कर ऊंचे स्थानों पर पलायन कर गए हैं।

आपको बता दें कि लखीमपुर खीरी में बाढ़ का कहर जारी है। यहां की सदर, निघासन, पलिया, धौराहरा, गोला तहसीलें बाढ़ से प्रभावित है। जबकि शारदा और घाघरा व मुहाना नदी के जलस्तर में वृद्धि होने से सैकड़ों गांव बाढ़ की चपेट में आ गए हैं। प्रशासन द्वारा बाढ़ पीड़ितों को दी जा रही राहत ऊंट के मुंह में जीरा साबित हो रही है। दर्जनों ऐसे बाढ़ प्रभावित गांव हैं। जहां अभी तक प्रशासनिक अफसर पहुंच ही नहीं पाए हैं। राहत और बचाव के कार्य तो दूर की कौड़ी साबित हो रहे हैं।

बनबसा बैराज से लगातार छोड़े जा रहे पानी की वजह से खीरी जिले में नदी के उफान पर होने की वजह से सैकड़ों लोगों को अपना आशियाना छोड़ने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। साथ ही वहां कुछ लोग भुखमरी की कगार पर हैं। जहां शारदा नदी के जलस्तर में वृद्धि जारी है। वहीं बारिश एवं कटान की वजह से बाढ़ के कहर से सैकड़ों गांव प्रभावित हुए हैं। लखीमपुर सदर तहसील में भी करीब दो दर्जन गांवों में बाढ़ का पानी प्रवेश कर गया है। इच्छारामपुरवा, मंगली पुरवा, चकलुआ, पिपरा गुम, जगन्नाथ पुरवा, बक्सी पुरवा, नरहर सहित सैकड़ों गांव बाढ़ के पानी से चारों तरफ से घिर गए हैं।