
सपा कैंडिडेट विनय तिवारी (बांये), भाजपा के अमन गिरी (दांये))
उत्तर प्रदेश की गोला गोकर्णनाथ विधानसभा सीट पर उपचुनाव के लिए आज प्रचार थम जाएगा। यहां 3 को नवंबर वोट डाले जाएंगे। यहां सपा के विनय तिवारी और भाजपा के अमन गिरी के बीच सीधा मुकाबला हो रहा है। आइए जानते हैं इस सीट पर जाति और धर्म के समीकरण क्या रहे हैं?
गोला सीट का जातिगत गणित
गोला गोकर्णनाथ विधानसभा में कुल मतदाताओं की संख्या करीब 4 लाख है। इसमें पिछड़ी जातियां करीब 1.46 लाख, दलित 1.27 लाख और मुस्लिम 75 हजार हैं। जातिगत आधार पर दलितों के अलावा कुर्मी और ब्राह्मण मतदाताओं का यहां प्रभाव है। मुस्लिम वोट भी यहां काफी अहमियत रखता है।
गोला सीट पर 1962 से हो रहे चुनाव
गोला गोकर्णनाथ सीट पर 1962 से चुनाव हो रहे हैं। पहले इस सीट का नाम हैदराबाद खीरी विधानसभा था। 2009 में हुए परिसीमन के बाद हैदराबाद की जगह गोला गोकर्णनाथ नाम से सीट वजूद में आई। इस सीट पर पहले जनसंघ और कांग्रेस का मुकाबल रहा। 1990 के बाद भाजपा और सपा मुख्य मुकाबले में आ गए। बसपा यहां कभी नहीं जीत सकी है।
गोला गोकर्णनाथ विधानसभा में साल 1962 के चुनाव में कांग्रेस ने जीत हासिल की थी। अगले ही इलेक्शन यानी साल 1967 में जनसंघ ने इस सीट पर कब्जा जमा लिया। इसके बाद 1969 और 1974 में कांग्रेस को यहां से जीत मिली।
साल 1980 और 1985 में भी कांग्रेस ने यहां से जीत हासिल की। इसके बाद यहां बाजपा ने अपना दबदबा बना लिया। साल 1989, 1991 और 1993 में यहां से भाजपा के विधायक बनते रहे।
1996 से 2012 तक रहा सपा का दबदबा
इसके बाद अरविंद गिरी ने सपा के टिकट पर यहां से 1996, 2002 और 2007 में जीत हासिल की। 2012 में सपा के विनय तिवारी यहां से जीते। इसके बाद अरविंद गिरी भाजपा से चुनाव मैदान में उतरे 2017 और 2022 में जीते।
अरविंद गिरी का इस साल सितंबर में निधन हो गया था, जिसके बाद यहां उपचुनाव हो रहा है। उपचुनाव में अरविंद गिरी के बेटे अमन गिरी भाजपा से तो विनय तिवारी सपा से कैंडिडेट हैं।
Updated on:
01 Nov 2022 04:45 pm
Published on:
01 Nov 2022 02:46 pm
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