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इस गांव के बच्चों को दिल में छेद की बीमारी, हर साल बाढ़ आने के चलते हुआ ये हाल

खीरी जिले में बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में नौनिहालों को हो रही दिल के छेद की बीमारी...
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लखीमपुर खेरी

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Nitin Srivastva

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Updated: 19 Jun 2018, 9:28 AM IST

Heart disease in child after flood in Lakhimpur Kheri

इस गांव के बच्चों को दिल में छेद की बीमारी, हर साल बाढ़ आने के चलते हुआ ये हाल

लखीमपुर खीरी. जिले में बाढ़ की विभीषिका अपना नया प्रभाव भी दिखा रही हैं। बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में रहने वाले बच्चों में जन्मजात बीमारियां ज्यादा निकल के सामने आ रही हैं। स्वास्थ्य महकमे के चल रहे अभियान आरबीएसके में जिले में 12 बच्चे जन्मजात बीमारी के शिकार मिले हैं। इसमें दिल में छेद होने की बीमारी से ग्रस्त होने वाले बच्चों की संख्या ज्यादा है। इसमें भी 9 ऐसे क्षेत्र के हैं, जहां हर साल बाढ़ और कटान की समस्या होती है।

बाढ़ के बाद गंभीर बीमारी

स्क्रीनिंग के बाद बच्चों का इलाज सीएचसी, जिला अस्पताल और लखनऊ में कराया जाता है। स्वास्थ विभाग की टीम की स्क्रीनिंग में बाढ़ प्रभावित क्षेत्र बिजुआ, रमिया बेहड़ और फूलबेहड़ क्षेत्र में करीब 9 बच्चों में जन्मजात बीमारी होने की पुष्टि हुई है। इसमें भी सबसे ज्यादा बीमार और दिल में छेद होने की बीमारी से परेशान बच्चे फूलबेहड़ क्षेत्र के हैं। क्षेत्र में आरबीएसके का काम कर रही टीम की डॉक्टर अनिता और डॉक्टर सरोजलता का कहना है कि बच्चों में इन बीमारियों के होने का सबसे बड़ा कारण प्रेगनेंसी के दौरान महिला का बिना डॉक्टर के सलाह के दवा खा लेना निकलकर सामने आ रहा है। इन दवाओं का सीधा असर पेट में पल रहे बच्चों पर होता है। इससे बच्चे इन गंभीर बीमारियों का शिकार हो जाते हैं।

पूरे गांव का संपर्क होता है बंद

बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में बाढ़ आने पर पूरे-पूरे गांव के लोग का संपर्क और आवागमन बाधित रहता है। इस दौरान गांव में मौजूद दवा के सहारे ही प्रेगनेंसी के दौरान काम चलाना पड़ता है। ऐसे समय में महिलाएं और उनके परिवार वाले इन्हीं दवाइयों पर निर्भर हो जाते हैं। विभाग के अब तक के जो आंकड़े सामने आ रहे हैं उनमें सबसे ज्यादा मामले हर साल बाढ़ की विभीषिका झेलने वाले क्षेत्र हैं।

सभी को दी जा रही इलाज की सुविधा

प्रभारी राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम फूलबेहड़ डॉ अनीता सिंह ने बताया कि फूलबहेद क्षेत्र में स्क्रीनिंग के दौरान बच्चों में एनीमिया और जन्मजात बीमारियों से ग्रस्त होने की बात सामने आई है। इस तरह के सभी बच्चों को जिले के अलावा लखनऊ में इलाज कराने की सुविधा दी जा रही है।

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