17 जनवरी 2026,

शनिवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

लखीमपुर खीरी मामला: केंद्रीय मंत्री टेनी के बेटे आशीष मिश्रा के खिलाफ आरोप तय, चलेगा हत्या का मुकदमा

लखीमपुर खीरी हत्याकांड में आशीष मिश्रा और अन्य आरोपियों पर मुकदमा चलेगा। पुलिस चार्जशीट में आशीष का नाम मुख्य आरोपी के तौर पर है।

2 min read
Google source verification
Ashish Mishra Lakhimpur Kheri Case

लखीमपुर खीरी की जिला अदालत ने मंगलवार को लखीमपुर खीरी हत्याकांड में आशीष मिश्रा और अन्य आरोपियों के खिलाफ आरोप तय कर दिए हैं। सभी आरोपियों के खिलाफ मुकदमा 16 दिसंबर से शुरू होगा।

इससे पहले कल अदालत ने आशीष मिश्रा की डिस्चार्ज याचिका को खारिज कर दिया था। पुलिस चार्ज शीट ने आशीष मिश्रा पर हत्या का आरोप लगाया गया है।

आशीष पर किसानों की हत्या का आरोप
आशीष मिश्रा चार किसानों और एक पत्रकार की हत्या के प्रमुख आरोपी हैं। आरोप के मुताबिक 3 अक्टूबर 2021 को केंद्रीय कृषि कानूनों का विरोध कर रहे किसानों पर आशीष की एसयूवी कार चढ़ा दी गई थी। इसमें 4 किसानों और 1 पत्रकार की मौत हो गई थी।

लखीमपुर हत्याकांड के वीडियो में दिखी थी कार
घटना के चौंकाने वाले वीडियो में आशीष की महिंद्रा एसयूवी कार को हाई स्पीड में आंदोलनकारी किसानों से टकराते देखा गया था। गुस्से में किसानों ने एसयूवी का पीछा किया और कथित तौर पर ड्राइवर और दो भाजपा वर्कर्स को मार डाला था।

उत्तर प्रदेश पुलिस ने 6 अक्टूबर, 2021 को आशीष मिश्रा के खिलाफ एफआईआर दर्ज की थी। एफआईआर में आशीष पर किसानों की हत्या करने का गंभीर आरोप लगाया गया था। FIR के अनुसार, चार किसानों पर चढ़नी वाली गाड़ी को आशीष ही चला रहे थे।

आशीष के खिलाफ इन धाराओं में मामला दर्ज
एफआईआर को टिकुनिया पुलिस स्टेशन में दर्ज किया गया था। एफआइआर में भारतीय दंड संहिता यानी आईपीसी धारा 302 यानी हत्या करने के तहत दायर किया गया था। इसके अलावा लापरवाह ड्राइविंग के कारण मौत के लिए धारा 304-ए, आपराधिक साजिश के लिए धारा 120-बी, दंगा के लिए धारा 147, रैश ड्राइविंग के लिए धारा 338 और किसी को गंभीर चोटें पैदा करने के लिए धारा 279 को जोड़ा गया था।

इन गंभीर आरोपों के अलावा, एफआईआर में ये भी बताया गया है कि पूरे क्राइम सीन को रीक्रिएट किया गया था। एफआईआर में ये भी कहा गया है कि इस हत्याकांड की साजिश आशीष मिश्रा ने रची थी। इसे 'गुंडागर्दी' वाला काम बताया गया है। मुख्य आरोपियों के 15-20 अनाम व्यक्तियों के खिलाफ भी मामला दर्ज है।