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प्रभात गुप्ता हत्याकांड: 23 साल पहले मर्डर, अब फैसले की बारी, केंद्रीय मंत्री अजय मिश्रा ‘टेनी’ हैं आरोपी

Ajay Mishra Teni: लखीमपुर खीरी के छात्र नेता प्रभात गुप्ता हत्याकांड की सुनवाई पूरी हो गई है।बीते 21 फरवरी को न्यायमूर्ति एआर मसूदी और न्यायमूर्ति ओमप्रकाश शुक्ल की खंडपीठ ने अपील पर फैसला सुरक्षित कर लिया था।

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lucknow court save decision on teni in prabhat gupta murder

Ajay Mishra Teni: प्रभात गुप्ता हत्याकांड मामले में केंद्रीय गृह राज्यमंत्री अजय मिश्र उर्फ टेनी को बरी करने के खिलाफ राज्य सरकार की अपील पर इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ में आज यानी शुक्रवार को फैसला सुनाया जाएगा।

बीते 21 फरवरी को न्यायमूर्ति एआर मसूदी और न्यायमूर्ति ओमप्रकाश शुक्ल की खंडपीठ ने अपील पर फैसला सुरक्षित कर लिया था। निर्णय सुनाने के लिए अपील 19 मई को खंडपीठ के समक्ष सूचीबद्ध है।

8 जुलाई 2000 को गोली मारकर की गई थी हत्या
लखीमपुर खीरी की ही एक अदालत ने प्रभात गुप्ता हत्याकांड में साल 2004 में तकरीबन सभी मुलजिमों को ब-इज्जत बरी कर दिया था। बरी किए गए और मुकदमे में नामजद मुलजिम थे केंद्रीय गृह राज्यमंत्री अजय मिश्र टेनी, सुभाष मामा, शशि भूषण, राकेश डालू। इन सबके ऊपर आरोप लगा था कि इन्होंने अब से करीब 23 साल पहले यानी 8 जुलाई साल 2000 को प्रभात गुप्ता को जिले के तिकुनिया थाना क्षेत्रांतर्गत स्थित बनवीरपुर गांव में घेर लिया। उसके सीने में दो गोलियां मारी गईं, जिससे प्रभात गुप्ता की मौत हो गई।

सपा से जुड़े थे प्रभात गुप्ता
प्रभात गुप्ता लखनऊ विवि के दबंग छात्र नेता होने के साथ-साथ, समाजवादी पार्टी से भी जुड़े हुए थे। दिनदहाड़े बीच सड़क पर अंजाम दिए गए उस हत्याकांड के मुलजिमों को कोर्ट ने बरी किया तो इस फैसले के खिलाफ वर्ष 2004 में ही राज्य सरकार ने हाईकोर्ट में अपील दाखिल की थी।