उत्तराखंड त्रासदी: लखीमपुर खीरी के 15 मजदूर लापता, तबाही से पहले पावर प्रोजेक्ट पर कर रहे थे काम

उत्तराखंड के चमोली जिले में ग्लेशियर फटने से आई तबाही (Uttrakhand Flood) में अब तक 14 लोगों की मौत हो चुकी है। इसके अलावा यूपी के लखीमपुर खीरी जिले के 15 मजदूर लापता बताए जा रहे हैं। त्रासदी की सूचना मिलते ही परिजनों में कोहराम मचा हुआ है

By: Karishma Lalwani

Updated: 08 Feb 2021, 10:33 AM IST

लखीमपुरी खीरी. उत्तराखंड के चमोली जिले में ग्लेशियर फटने से आई तबाही (Uttrakhand Flood) में अब तक 14 लोगों की मौत हो चुकी है। इसके अलावा यूपी के लखीमपुर खीरी जिले के 15 मजदूर लापता बताए जा रहे हैं। त्रासदी की सूचना मिलते ही परिजनों में कोहराम मचा हुआ है। जिस वक्त तबाही आई उस वक्त तपोवन के पावर प्रोजेक्ट में काम कर रहे कई मजदूर टनल में फंस गए। इनमें निघासन तहसील क्षेत्र के गांव बाबू पुरवा, भेरमपुर, मांझा व कड़िया के 15 युवक शामिल हैं जो पावर प्रोजेक्ट में काम करने के लिए गये थे। हादसे के बाद परिजनों का उनसे कोई संपर्क नहीं पाया। परिवार में उनके लापता होने पर कोहराम मचा हुआ है।

बता दें कि चमोली में ग्लेशियर का हिस्सा टूट जाने से ऋषिगंगा नदी में अचानक उफान आ गया था। उफान के कारण तपोवन पावर प्रोजेक्ट टूट गया है। हादसे के बाद यहां काम कर रहे मजदूर लापता हो गए हैं। दूसरी ओर तपोवन में बनी सुरंग में फंसे लोगों को रातभर बाहर निकलाने के लिए रेस्क्यू ऑपरेशन चलता रहा. तपोवन सुरंग से कुछ लोगों को बाहर निकाला जा चुका है।

ये हैं लापता

खीरी जिले से निघासन तहसील क्षेत्र के इंडो नेपाल बॉर्डर पर स्थित गांव बाबू पुरवा, भेरमपुर, मांझा और गांव कड़िया हैं. बाबूपुरवा गांव के पांच युवक हीरालाल (19 वर्ष), सूरज (19 वर्ष), अर्जुन (19 वर्ष), विमलेश (25 वर्ष) और धमेन्द्र वर्मा (22 वर्ष) लापता बताए घए हैं। इसके अलावा 10 युवक भेरमपुर व मांझा गांव के भी हैं जिनसे परिजनों का संपर्क नही हो पा रहा है।

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