8 फ़रवरी 2026,

रविवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

खेतों में घूमते नजर आए बाघिन के शावक, ग्रामीणों में दहशत

वन विभाग की टीम ने गांव वालों के मुताबिक बताई गई जगह पर शावकों की काफी खोजबीन की...

2 min read
Google source verification
People frightened from tigress cubs in Lakhimpur Kheri news

खेतों में घूमते नजर आए बाघिन के शावक, ग्रामीणों में दहशत

लखीमपुर-खीरी. निघासन क्षेत्र में खेतों के आस-पास शावक के देखे जाने से बाघिन के भी होने की आशंका के चलते लोग दहशतजदा हो गए है। इस डर के कारण लोग अब अपने खेतों तक नहीं जा रहे। मामले में वन विभाग जहां आस-पास बाघिन के होने से इंकार कर रहा है वहीं जमीन सूखी होने के कारण पद चिह्न न मिलने की बात भी कह रहा है। कुल मिलाकर अगर कस्बे के करीब में बाघिन अपने शावकों के साथ घूम रही है तो यह वाकई चिंता का विषय है।

लोगों में दहशत

करीब एक माह पूर्व क्षेत्र के गांव सहते पुरवा में गेहूं के खेत की रखवाली कर रहे किसान का बाघिन ने शिकार कर दिया था। मौके पर पहुंची पुलिस संग वन विभाग की टीम ने बाघिन को पकड़ कर लखनऊ चिडिय़ा घर भेज दिया था। घटना के तीसरे दिन ग्रामीणों ने बाघिन के शावकों के होने की बात कही थी लेकिन वन विभाग ने इनकार करते हुये पल्ला झाड़ लिया था। बाघिन के पकड़े जाने से तराई के गांवों में बसे लोगों को काफी राहत मिली थी। ग्रामीणों का आरोप है कि बाघिन के शावक लगातार जंगल के तराई में बसे गंवई इलाकों में देखे गये हैं। आबादी क्षेत्र में शावकों को देखे जाने से लोगों में दोबारा दहशत बन गयी है। रविवार को गांव चखरा में खेतों में काम करने जा रहे मजदूरों ने गांव के दक्षिण दो शावकों को खेत में चहलकदमी करते देखा और गांव वालों को जानकारी दी। गांव वालों ने मामले की सूचना वन विभाग को दी।

नहीं हो पाई पुष्टि

शावकों की चहल कदमी की सूचना मिलते ही गांव पहुंची। वन विभाग की टीम ने गांव वालों के मुताबिक बताई गई जगह पर शावकों की काफी खोजबीन की। लेकिन कहीं पता नहीं चल सका है। इस बावत वन क्षेत्राधिकारी पलटूराम ने बताया कि गांव से किसी ग्रामीण ने जानकारी दी थी। सूचना के बाद मौके पर पहुंची टीम ने खोजबीन की लेकिन शावकों के होने की पुष्टि नहीं हो पाई है। ग्रामीणों ने किसी अन्य जंगली जानवर को देखा होगा। इस मामले में निघासन रेंजर पलटू राम से जब बात की गई तो उन्होंने कहा कि जमीन सूखी है। ऐसे में शावक या बाघिन के पदचिह्न नहीं मिलते। हालांकि विभाग अपनी ओर से खोजबीन जारी कर चुका है। अगर कस्बे के आस-पास बाघिन है तो उसे जल्द ही पकड़ लिया जाएगा।