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लखीमपुर खीरी. क्षेत्र के ग्राम पंचायत मूडाबुजुर्ग में जल संरक्षण की बैठक ग्राम प्रधान की अध्यक्षता में सम्पन्न हुई। बैठक में ग्राम प्रधान फुलमत्ता देवी ने जल संरक्षण के बारे में लोगों को बताया। इसके अलावा ग्राम प्रधानपति रमेश लोधी ने लोगों को जल संरक्षण के बारे में बताते हुए कहा कि सबको एक जागरूक नागरिक की तरह जल संरक्षण अभियान को सफल बनाने के लिए बच्चों सहित महिलाओं व पुरुषों को में जागृति लानी होगी। स्नान करते समय बाल्टी में जल लेकर शावर या टब में स्नान की तुलना में बहुत जल बचाया जा सकता है। महिलाएं अगर रसोई में जल की बाल्टी या टब में बर्तन साफ करें तो जल की बहुत बड़ी हानि रोकी जा सकती है।
टॉयलेट में लगी फ्लश की टंकी में प्लास्टिक की बोतल में रेत भरकर रख देने से हर बार एक लीटर जल बचाने का कारगर उपाय उत्तराखण्ड जल संस्थान ने बताया है। इस विधि का तेजी से प्रचार-प्रसार करके पूरे देश में लागू करके जल बचाया जा सकता है। पहले गांवों, कस्बों और नगरों की सीमा पर या कहीं नीची सतह पर तालाब अवश्य होते थे, जिनमें स्वाभाविक रूप में मानसून की वर्षा का जल एकत्रित हो जाता था। साथ ही, अनुपयोगी जल भी तालाब में जाता था, जिसे मछलियाँ और मेंढक आदि साफ करते रहते थे और तालाबों का जल पूरे गाँव के पीने, नहाने और पशुओं के पीने आदि के काम में आता था। दुर्भाग्य यह कि स्वार्थी मनुष्य ने तालाबों को पाट कर घर बना लिए है और जल की आपूर्ति खुद ही बन्द कर बैठा है। जरूरी है कि गाँवों, कस्बों और नगरों में छोटे-बड़े तालाब बनाकर वर्षा जल का संरक्षण किया जाए जिससे जल भारी मात्रा में बचाया जा सकता है बैठक में ग्रामीण भी मौजूद रहे।
Published on:
25 Aug 2019 08:21 pm
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