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तुरंता नाथ मंदिर भगवान शिव भक्तों के लिये श्रद्धा का केंद्र

लखिमपुर के इस मंदिर में साक्षात बसते है भगवान शिव, वजह जानकर रहे जाएंगे हैरान

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Ruchi Sharma

Jul 22, 2017

lakhimpur

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लखीमपुर खीरी. शहर के मोहल्ला संकटा देवी का तुरंता नाथ मंदिर भगवान शिव के भक्तों के लिए श्रद्धा का केंद्र है। मोहल्ले वासियों ही नहीं पूरे शहर के भक्त भी यहां आकर प्रत्येक सावन के सोमवार में पूजा अर्चना करते हैं। साथ ही शिवरात्रि में भी इस मंदिर में भव्य सजावट कर भक्त रात भर पूजा-अर्चना करते हैं।करीब 65 साल पुराने इस मंदिर का निर्माण मोहल्ले वासियों के सहयोग से किया गया था। उस समय इस स्थान पर कोई भी शिव मंदिर नहीं था।




मोहल्लेवासियों को शिवजी की पूजा प्रतिष्ठा करनी थी इसलिए लोगों की आम सहमति के बाद आनन फानन में तत्काल इस मंदिर का निर्माण कराया गया था। इसलिए इसका नाम स्थिति परिस्थिति के मुताबिक तुरंतानाथ रखा गया। शुरू में यह छोटी सी मठिया थी, इसके बाद 1993 में इसका जीणोद्धार करा कर मोहल्लेवासियों ने ही इसे भव्य स्वरूप प्रदान किया। तबसे तुरंतानाथ मंदिर भक्तों के लिए श्रद्धा का केंद्र है।


विशेषता


घने बाजार के बीच बने इस मंदिर की विशेषता यह है कि यह मंदिर शहर की कुलदेवी कहलाने वाली माता संकटा के दरबार से महज 10 कदम की दूरी पर स्थित है। दूर दराज से आने वाले भक्त गण जो माता संकटा के दर्शन करते हैं वे इस मंदिर में भी शीश झुकाते हैं।

पुरोहित मनोज बाजपेई बताते हैं कि मंदिर 65 साल से ज्यादा पुराना है। मैं इस मंदिर में पिछले 10 साल से पुरोहित हूं। भक्तगण साधारण दिनों में भी यहां पूजा पाठ करने के लिए आते हैं। इसके अलावा सावन एवं शिवरात्रि में भी मंदिर में सुबह से शाम तक श्रद्धालुओं का तांता लगा रहता है। पूजा पाठ साधना करने वाले सुबह से शाम तक मंदिर परिसर में आते हैं।