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आजादी में जिनका योगदान नहीं, वे संविधान बदल रहे! गणतंत्र दिवस की बधाई देकर क्या बोले तेजस्वी यादव

RJD के नए नियुक्त राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष तेजस्वी यादव ने 77वें गणतंत्र दिवस के मौके पर देशवासियों को बधाई दी और केंद्र की NDA सरकार पर तीखा राजनीतिक हमला किया।

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पटना

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Anand Shekhar

Jan 26, 2026

राजद नेता तेजस्वी यादव। (Photo-IANS)

गणतंत्र दिवस के मौके पर बिहार के पूर्व डिप्टी सीएम और राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष तेजस्वी यादव ने NDA सरकार पर तीखा हमला बोला है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर गणतंत्र दिवस की शुभकामनाएं देते हुए तेजस्वी यादव ने संविधान, लोकतंत्र और मौजूदा राजनीतिक हालात पर गंभीर चिंता जताई।

तेजस्वी यादव ने अपनी पोस्ट की शुरुआत देशवासियों को गणतंत्र दिवस की शुभकामनाएं देते हुए की। उन्होंने लिखा कि गणतंत्र दिवस का यह शुभ अवसर महान स्वतंत्रता सेनानियों, देशभक्तों, संविधान निर्माताओं और शहीदों को याद करने का दिन है। उन्होंने उन सभी नायकों को श्रद्धांजलि दी जिन्होंने देश की आजादी के लिए अपने प्राणों की आहुति दी और देश की एकता और अखंडता को बनाए रखने के लिए अपना सब कुछ न्योछावर कर दिया।

NDA सरकार की नीतियों पर सीधा हमला

गणतंत्र दिवस के अपने संदेश में तेजस्वी यादव ने मौजूदा NDA सरकार की नीतियों की कड़ी आलोचना की। उन्होंने कहा कि NDA सरकार की बांटने वाली सामाजिक, आर्थिक और संविधान विरोधी अलोकतांत्रिक नीतियों के कारण देश के मौजूदा हालात चिंताजनक हो गए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि संविधान लागू होने के दशकों बाद भी मौजूदा एनडीए सरकार संविधान एवं लोकतंत्र को समृद्ध करने के बजाय इसे कमजोर करने का काम कर रही है।

तेजस्वी यादव ने साफ तौर पर कहा कि जो फासीवादी ताकतें देश के स्वतंत्रता संग्राम में शामिल नहीं थीं, जिनका देश की आजादी में कोई योगदान नहीं है, वे अब संविधान की मूल भावना पर हमला कर रही हैं। तेजस्वी ने कहा कि ये लोग संविधान की प्रस्तावना को बदलने की कोशिश कर रहे हैं, जो लोकतंत्र के लिए एक खतरनाक संकेत है।

संविधान और लोकतंत्र की रक्षा का आह्वान

तेजस्वी यादव ने अपने पोस्ट में कहा कि हमारे पूर्वजों ने त्याग, संघर्ष और समर्पण से भरे कर्तव्य पथ पर चलकर देश को एक आदर्श लोकतांत्रिक व्यवस्था दी है। उन्होंने देशवासियों से अपील की कि वे अपने सकारात्मक प्रयासों से भारत की एकता और अखंडता को बनाए रखने और संविधान की रक्षा करने का सामूहिक संकल्प लें।

तेजस्वी यादव ने कहा कि संविधान सिर्फ एक कानूनी दस्तावेज नहीं है, बल्कि देश की आत्मा है। इसे कमज़ोर करने की कोशिशें, असल में उन मूल्यों पर हमला है जिनके आधार पर भारत एक संप्रभु, समाजवादी, धर्मनिरपेक्ष और लोकतांत्रिक राष्ट्र बना।