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यूपीएससी परीक्षा के लिए किसी ने छोड़ी 40 लाख की नौकरी तो किसी ने पहले ही प्रयास में छू लिया मुकाम

संघ लोक सेवा आयोग ने अपनी आधिकारिक वेबसाइट पर सिविल सेवा मुख्य परीक्षा के नतीजे घोषित किए

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यूपीएससी परीक्षा के लिए किसी ने छोड़ी 40 लाख की नौकरी तो किसी ने पहले ही प्रयास में छू लिया मुकाम

UPSC परीक्षा में उत्तीर्ण अभ्यर्थियों ने सफलता के बताए गोल्डन रूल्स

लखनऊ. संघ लोक सेवा आयोग ने अपनी आधिकारिक वेबसाइट पर सिविल सेवा मुख्य परीक्षा के नतीजे घोषित किए। परीक्षा में उत्तीर्ण अभ्यर्थियों ने अपनी महीनों के सपने को दिन रात की लगन और मेहनत से साकार किया। राजस्थान के कनिष्क कटारिया ने पहले ही प्रयास में ऑल इंडिया रैंक-1 प्राप्त किया है। किसी अधिकारी के बेटे ने तो किसी शिक्षक के बटे ने सिविल परीक्षा में जगह बनाई है। इसी क्रम में रिटायर आईपीएस ए के डी द्विवेदी की बेटी गुंजन द्विवेदी ने 9वीं रैंक हासिल कर लखनऊ शहर का नाम रोशन किया है।

टॉप कर किया नाम रोशन

आईपीएस मुथा अशोक जैन की बेटी दीक्षा ने 22वीं रैंक हासिल की है। सीतापुर से शिक्षक वीरेंद्र भारती के बेटे अमित ने संघ लोक सेवा चयन आयोग की सिविल सेवा परीक्षा में 91वीं रैंक हासिल की है। वर्तमान में वह लखीमपुर खीरी के मोहल्ला सिद्धार्थ नगर में रहते हैं। जापान से 40 लाख रुपये की नौकरी छोड़ कर आए कानपुर के ही शिवांश अवस्थी ने सिविल सर्विसिज परीक्षा में 77वीं रैंक हासिल की है। रायबरेली से रिटायर्ड पुलिसकर्मी के बेटे मयंक चौधरी को 482वीं रैंक मिली। मयंक सीआरपीएफ के असिस्टेंट कमांडेंट हैं। डीआईजी बरेली राजेश पांडे की बेटी ने भी यूपीएससी परीक्षा पास की है। वहीं डीजीपी ऑफिस के चुनाव सेल में तैनात दरोगा घनश्याम मिश्रा के बेटे ने 357वीं रैंक हासिल कर यूपी पुलिस का नाम रोशन किया है।

24 साल में ही छू लिया मुकाम

कानपुर की जसलीन कौर ने संघ लोकसेवा आयोग की परीक्षा में 152वीं रैंक हासिल की है। जसलीन ने यह उपलब्धि महज 24 साल में हासिल की है। जसलीन के पिता भूपेंद्र पाल सिंह बिजनसमैन और मां हरमीत गृहणी हैं। जसलीन ने बताया कि गंगा का प्रदूषण और पर्यावरण से विलुप्त होती प्रजातियों को देख उन्हें बुरा लगता है। वे दूर की अधिकारी बनना चाहती हैं। उन्होंने सफलता के लिए कड़ी मेहनत और कभी न हार मानने के जज्बे को अपना गोल्डन रूल बताया और इसी रूल को फॉलो कर वे परीक्षा में उत्तीर्ण रहीं।

सफलता के लिए अपनाए गोल्डन रूल्स

सिविल सेवा की परीक्षा में पास होना कोई आसान बात नहीं होती। ऑल इंडिया रैंक- 1 हासिल करने वाले कनिष्क ने अपनी सफलता का श्रेय माता पिता के साथ ही दोस्त सोनल चौहान से मिले मोटिवेशन को भी दिया है।


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