
Yogi Government Big Decision: पंजाब-हरियाणा के बाद यूपी में योगी सरकार का बड़ा फैसला, 60 दिन में तैयार होने वाले धान की खेती पर रोक
Yogi Government Big Decision: उत्तर प्रदेश के तराई वाले इलाकों में लगातार गिरते भू-जल स्तर की एक बड़ी वजह साठा धान की बढ़ती खेती मानी जा रही है। पर्यावरणविदों, जल संरक्षण को लेकर सक्रिय स्वयंसेवी संस्थाओं के लगातार संघर्ष की वजह से रामपुर और लखीमपुर खीरी के जिलाधिकारियों ने साठा धान की खेती को प्रतिबंधित कर दिया है। प्रदेश सरकार भी इस बारे में पूरे राज्य के भू जलस्तर के संकट की वजह बन रहे इस साठा धान के बारे में गंभीरता से विचार कर रही है।
पंजाब सरकार ने 2009 के पानी एक्ट के तहत यह प्रावधान कर दिया है कि 10 जून से पहले राज्य में साठा धान की बोवाई नहीं की जा सकती है। इसी तरह हरियाणा में भी मई से पहले धान की बोवाई पर पाबंदी लगाई गई है।
साठा धान की फसल अधिकांशत: जायद में यानि मार्च से जून के बीच बोई जाती है, चूंकि उस समय बारिश नहीं होती है इसलिए नदी, नहर व ट्यूबवेल से ही इस फसल की सिंचाई की जाती है। कृषि विशेषज्ञ डा. सीपी श्रीवास्तव के अनुसार साठा धान में पानी ज्यादा लगता है। इसलिए जहां-जहां साठा धान बोया जा रहा है।
वहां भू-जल स्तर तेजी से गिर रहा है। साठा धान की फसल दो महीने में तैयार हो जाती है। चूंकि यह एक नगदी फसल है, इसलिए किसान इसकी खेती की तरफ ज्यादा आकर्षित हो रहे हैं।
Published on:
27 Jun 2024 05:58 pm
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