
कैदी की चाय में जहर देने की सूचना पर जागा प्रशासन, हत्या करवाने का लगाया था आरोप
ललितपुर. जिला कारागार में निरुद्ध एक बंदी योगी को चाय में जहर देकर मारने की कोशिश की गई। तबियत बिगड़ने पर उसे जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया जहां पर उसने अपने बंदी साथियों द्वारा सुपारी लेकर उसकी हत्या करवाने का आरोप लगाया था। इस घटना के बाद जिला प्रशासन में हड़कंप मच गया था जिला प्रशासन में हड़कंप के बाद सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण सत्येंद्र सिंह वर्मा ने ललितपुर जिला कारागार का औचक निरीक्षण किया । जिला कारागार में स्थापित अस्पताल में जाकर वहां की व्यवस्थाओं को परखा निरीक्षण में पाया गया कि अस्पताल में भर्ती सभी बन्दियों का उचित उपचार जिला कारागार में नियुक्त चिकित्सा अधिकारी डॉक्टर सच्चिदानंद द्वारा किया जाता है।
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव ने चिकित्सा अधिकारी को निर्देशित किया कि बरसात के मौसम के मद्देनजर फैलने वाली बीमारियों की उचित रोकथाम की प्रयास किए जाएं । निरीक्षण के दौरान अस्पताल में जीवन रक्षक दवाएं पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध पाई गई । इसके बाद सचिव द्वारा पुरुष एवं महिला बैरकों एवं रसोईघर का निरीक्षण किया गया । महिला बंदियों के साथ 8 बच्चे भी उनके साथ रह रहे हैं समस्त वर्गों में बंदियों से निशुल्क विधिक सहायता के संबंध में बातचीत की गई । जिस पर कुछ पुरुष एवं महिला बंदियों द्वारा अपने-अपने प्रकरण में पैरवी हेतु निशुल्क अधिवक्ताओं की मांग की गई जिस पर सचिव द्वारा उप कारापाल को निर्देशित किया गया कि इन बंदियों की प्रार्थना पत्र निशुल्क अधिवक्ता हेतु जिला विधिक सेवा प्राधिकरण को प्रेषित करें।
खानपान एवं अन्य व्यवस्थाओं के बारे में सचिव द्वारा पूछे जाने पर किसी भी बंदी द्वारा कोई समस्या नहीं बताई गई एवं जेल अधिकारियों एवं कर्मचारियों के व्यवहार की भी किसी भी प्रकार से कोई शिकायत बंदियों द्वारा नहीं की गई । रसोई घर में सांय काल हेतु भोजन बनाया जा रहा था जिला कारागार में सभी बैंरिकों रसोईघर तथा अस्पताल आदि में साफ सफाई की उचित व्यवस्था पाई गई । महिला बंदियों द्वारा अवगत कराया गया कि उनके साथ रह रहे बच्चों को दूध खेलकूद के लिए उपकरण उपलब्ध कराए जा रहे हैं । जिला कारागार के निरीक्षण में उप कारापाल सुरेश कुमार मुकेश प्रकाश के साथ विनोद कुमार जैन अयूब खान आरिफ खान आदि उपस्थित रहे ।
यह निरीक्षण जेल में घटी घटना के बाद किया गया घटना के बाद जेल प्रशासन ने जेल में व्यवस्थाएं चाक-चौबंद कर ली थी अगर यही निरीक्षण समय-समय पर बिना जेल प्रशासन को सूचना दिए होते रहे तो जेल प्रशासन की खामियां साफ नजर आएंगी ।
Published on:
20 Jul 2018 10:43 am
बड़ी खबरें
View Allललितपुर
उत्तर प्रदेश
ट्रेंडिंग
