
up police cm yogi
ललितपुर. उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ प्रदेश की पुलिस को मित्र पुलिस बनाने के लिए तरह-तरह की कवायद कर रहे हैं। मगर योगी की मित्र पुलिस सुधरने का नाम नहीं ले रही। पीड़ित जब पुलिस के पास अपनी फरियाद लेकर पहुंचता है तब पुलिस रसूखदार व्यक्ति के दबाव में आकर उस फरियादी को या तो वहां से चलता कर देता है या फिर उसके मामले को छोटी-मोटी धाराओं में दर्ज कर लेती है।
पुलिस के खिलाफ आक्रोश के गंभीर परिणाम अभी हाल ही में जनपद में दो जगह देखें गए हैं, जहां पुलिस की पिटाई की गई है। योगी की मित्र पुलिस को जूते चप्पलों से मारा गया इसके बावजूद भी योगी की पुलिस सुधर नहीं रही है और ना ही पुलिस के आला अधिकारी पुलिस को सुधारने में दिलचस्पी ले रहे हैं।
यह है पूरा मामला
यह पूरा मामला पुलिस की कार्यप्रणाली से जुड़ा हुआ है। मामला थाना बानपुर के ग्राम गुगरवारा का है। जहां के दबंग बीजेपी नेता सुनील पुत्र बाले निवासी ग्राम भारौनी व मनोज कुमार पुत्र रतिराम मिश्रा शराब के नशे में जबरन उस समय घर में घुस आए जब पीड़िता महिला जयंती का पति राम सेवक अपने खेत पर ट्रेक्टर से रात के समय जुताई करवा रहा था। घर में घुसकर महिला को बुरी नियत से पकड़कर जमीन पर पटक दिया। जब महिला ने उनकी इस बात का विरोध किया तो उसके साथ गाली गलौच कर जान से मारने की घमकी भी दी। पीड़िता जब अपने पति के साथ थाना बानपुर में मामला दर्ज कराने पहुंची तो पुलिस ने मामला महज 504 506 धराओं में मामला दर्ज कर चलता कर दिया। अब पीड़िता अपने परिवार के साथ सही धराओं में मामला दर्ज कराने के लिए भटक रही है।
अधिकारी विधायक व मंत्री ने नहीं सुनी पीड़िता की फरियाद
जब पीड़िता की तहरीर के आधार पर सही धाराओं में रिपोर्ट दर्ज नहीं हुई तो वह अपनी रिपोर्ट सही धाराओं में दर्ज कराने के लिए दर-दर भटकी। पीड़िता अपने बच्चों एवं पति को लेकर जिला मुख्यालय पर आई और यहां आकर पुलिस के आला अधिकारियों के पास गई। उसकी शिकायत जब यहां नहीं सुनी गई तब वह सदर विधायक रामरतन कुशवाहा तथा महरौनी विधायक एवं श्रम रोजगार मंत्री मन्नू लाल कोरी के पास भी गई, मगर अधिकारी विधायक और मंत्रियों ने भी उसकी फरियाद पर गौर नहीं किया।
तब वह निराश होकर घंटाघर पर अनशन पर बैठ गई और अपने लिए न्याय की मांग करने लगी। इस बात का पता जब पुलिस को चला कि एक महिला अपने परिवार के साथ अनशन पर बैठी हुई है तब पुलिस ने आकर जबरन उसे अनशन पर उठा दिया एवं पुलिस के आला अधिकारियों के पास भेज दिया।
पीड़ित महिला का आरोप है कि वह अपनी शिकायत लेकर थाने से लेकर जनपद के बड़े अधिकारियों तक गई। मगर उसकी बात नहीं सुनी गई वह सदर विधायक राम रतन कुशवाहा और मंत्री मन्नू कोरी के पास भी गई। मगर उसकी फरियाद किसी ने नहीं सुनी इसलिए वहां घंटा घर पर अनशन पर बैठ गई है। पीड़चा का कहना है कि हमारी शिकायत को सही धाराओं में दर्ज नहीं किया गया हमने छेड़खानी करने की शिकायत की थी और पुलिस ने महज झगड़े में मामला दर्ज किया।
Published on:
26 Oct 2017 11:24 am
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