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सवर्णों की बहू-बेटियों के खिलाफ बोला यह, गांव में पुलिसबल तैनात, घरों में घुसकर मचाया बवाल

बौखलाएं दर्जनों सवर्ण युवकों ने दलित महिला पुरुषों के घरों को निशाना बनाकर की मारपीट, 24 घण्टे में हरिजनों को गांव छोड़ने का दिया फरमान.

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ललितपुर. जब से सुप्रीम कोर्ट ने एससी-एसटी एक्ट में संसोधन की बात कही है तभी से देश के अलग-अलग हिस्सों से बवाल की खबरें आ रही है। प्रदेश के कई भागों में अभी तक तनाव पूर्ण स्तिथि है। देश के कई भागों में अम्बेडकर जयंती पर नेट सेवाएं भी बंद रही थी। जिसको देखते हुए शासन-प्रशासन ने हर जगह शांति बनाए रखनी की अपील भी की है, मगर इस समाज में कुछ ऐसे असामाजिक तत्व हैं, जो अपनी हरकतों से बाज नहीं आते तथा सोशल मीडिया पर धार्मिक और सामाजिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाली पोस्ट डालकर लोगों की भावनाएं भड़काने का काम करते हैं। जिसका नतीजा दंगा और बवाल होता है। ऐसा ही एक मामला सदर कोतवाली क्षेत्र के अंतर्गत ग्राम सतरवास में सामने आया है जहां एक हरिजन युवक द्वारा फेसबुक पर सवर्णों के खिलाफ एक पोस्ट डाली गई है, जिसको पढ़ कर स्वर्ण युवकों का गुस्सा भड़क गया और उन्होंने हरिजन बस्ती को अपना निशाना बनाया एवं वहां के पुरुषों एवं महिलाओं के साथ मारपीट की। साथ ही डॉ भीमराव अंबेडकर की फोटो एवं उनके नाम पर कालिख पोथ दी। फोटो भी फाड़ दी। ऐसा आरोप वहां के ग्रामीणों ने सवर्णों पर लगाया है, जिसमें ज्यातदर ठाकुर और ब्राह्मण जाति के थे।

यह है पूरा मामला-

ग्राम सतरवास में उस समय हड़कंप मच गया जब लगभग 50 से 60 युवक अपने हाथों में लाठी, बम, कुल्हाड़ी आदि लेकर हरिजन बस्ती में शोर मचाते हुए घुस गए और वहां पर उपस्थित हरिजन पुरुषों एवं महिलाओं के साथ अभद्रता कर मारपीट की एवं घरों के बाहर लिखे हुए जय भीम जय भवानी आदि नारों पर कालिख पोतना शुरू कर दी और वहां पर लगे अम्बेडकर जी के फोटो व पोस्टर बैनरों को फाड़ना शुरू कर दिया। किसी की समझ में नहीं आया कि माजरा क्या है। जैसे ही इस बात की सूचना सदर कोतवाली पुलिस को मिली वैसे ही क्षेत्राधिकारी हिमांशु गौरव सदर एसडीएम महेश चंद्र दीक्षित भारी पुलिस बल के साथ गांव में पहुंच गए। पुलिस को देख कर गांव में बिगड़ा सांप्रदायिक माहौल थोड़ा बहुत शांत हुआ और पुलिस को देखकर हमलावार युवक भाग खड़े हुए।

समानता तब आएगी जब वह अपनी बेटियों की शादी…-

पूछताछ के दौरान पता चला कि गांव की एक हरिजन युवक बलवीर की आईडी से फेसबुक पर सवर्णों के खिलाफ एक पोस्ट डाली गई थी जिसमें लिखा था कि हरिजन और सवर्णों में समानता तब आएगी जब वह अपनी बेटियों की शादी हरिजन युवकों से करेंगे और हरिजन की बेटियों की शादी अपने लड़को से करेंगे। जब यह पोस्ट गांव के अन्य लोगों द्वारा पढ़ी गई तब यह बवाल फैल गया।

अम्बेडकर की पोस्टर व नाम पर पोती कालिख-

बवाली यूवकों ने हरिजन बस्ती में बने मकानों पर लिखा जय भीम जय भवानी के नारों पर भी कालिख पोत कर उन्हें मिटाने का प्रयास किया जिससे गांव में साम्प्रदायिकता की स्थित उतपन्न हो गई। हालांकि गाँव में स्तिथि तैनाव पूर्ण है। हरिजन ग्रामीणों का आरोप है कि गांव के स्वर्ण ठाकुर ब्राह्मण आदि जाति के युवकों ने 24 घण्टे में गांव छोड़ने की धमकी भी दी है, जिससे गांव वाले हरिजन परिवार डरे हुए हैं।

मोबाइल दिया था ठीक होने के लिए-

इस मामले में बलवीर का कहना है कि हमारा मोबाइल खराब हो गया था जिसको ठीक करने के लिए हमने गांव के ही एक लड़के देवेंद्र पटेल को दिया था। देवेंद्र पटेल ने मेरा मोबाइल ठीक कर दिया एवं मेरी फेसबुक की आईडी और पासवर्ड पूछा जो मैंने उसे बता दिया। उसके बाद बलवीर ने ही मेरी आईडी से यह पोस्ट फेसबुक पर डाल दिया। जिस कारण यह बवाल पैदा हो गया। जबकि आरोपी देवेंद्र पटेल का कहना है बलवीर ने मुझे मोबाइल सुधारने के लिए जरूर दिया था, मगर मैंने ऐसी कोई पोस्ट नहीं डाली।

गांव में स्थिति अब सामान्य है-

सीओ सदर हिमांशु गौरव ने बताया कि ग्राम सतवास में दो पक्षों में सोशल मीडिया पर पोस्ट को लेकर बवाल उत्पन्न हो गया था जिसको शांत करा दिया गया है। गांव में स्थिति अब सामान्य है। मगर एहतियात के तौर पर पुलिस फोर्स को तैनात किया जा रहा है, जिससे कोई अप्रिय घटना ना कर सके एवं पीड़ित पक्ष से तहरीर आने पर मामले में संवैधानिक कार्यवाही की जाएगी।