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गौशाला में मृत गायों को नोंच खाया चील और कौओं ने, ग्राम प्रधान से की शिकायत को मिली हैरानी वाला जवाब

- अस्थाई गौशाला में गायों की मौत से हड़कंप - मृत पशुओं को कौओं, चील और कुत्तों ने नोंच खाया - ग्राम प्रधान से शिकायत करने पर मिला जवाब- खुद ही दफना दें

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गौशाला में मृत गायों को नोंच खाया चील और कौओं ने, ग्राम प्रधान से की शिकायत को मिली हैरानी वाला जवाब

गौशाला में मृत गायों को नोंच खाया चील और कौओं ने, ग्राम प्रधान से की शिकायत को मिली हैरानी वाला जवाब

ललितपुर. कोतवाली महरौनी के अंतर्गत ग्राम कुम्हेडी में अस्थाई रूप से संचालित गौशाला में जानवरों की मौतों से हड़कंप मच गया है। वहां पर जिम्मेदारों द्वारा मृत जानवरों को यूं ही छोड़ दिया जाता है जिसे चील, कौआ, कुत्ता उनको लोंच-लोंच कर खाते रहते हैं। आसपास के क्षेत्रों में सड़न से फैलने वाली दुर्गंध से लोगों का जीना दूभर हो गया है। इस मामले को लेकर भारतीय किसान यूनियन के साथ श्रीपाद नित्यानंद जयंती महा महोत्सव के पावन उपलक्ष में विशाल प्रभात फेरी सम्मान एवं गौ रक्षा यात्रा पर निकले संत मधुसूदन महाराज जी ने जिला अधिकारी योगेश कुमार शुक्ल को ज्ञापन देकर गौ रक्षा की मांग की। साथ ही दोषियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्यवाही करने की मांग उठाई है।

गौरतलब है कि ग्राम कुम्हेडी में अस्थाई रूप से अन्ना जानवरों को संरक्षित करने के लिए गौशाला चलाई जा रही है। मगर इस गौशाला की देखरेख में लिप्त जिम्मेदार व्यक्तियों द्वारा अपनी जिम्मेदारी बखूबी नहीं निभाई जाती।इतना ही नहीं गौवंशों की मौत के बाद उन्हें यूं ही खुले में छोड़ दिया जाता है जिससे चील, कौवे, कुत्ते, आदि उनका मांस नोंच-नोंच कर खा जाते हैं। यूं ही मृत पड़े जानवरों के सड़ने से आसपास के क्षेत्रों में तीव्र दुर्गंध फैलती है, जिससे आसपास के ग्रामीणों का जीना दूभर हो गया है।

ग्राम प्रधान का गैर जिम्मेदाराना बयान

संत मधुसूदन महाराज जी द्वारा बताया गया कि उन्हें लोगों के माध्यम से कुम्हेड़ी में अस्थाई रूप से संचालित गौशाला में जानवरों की हालत के बार में पता लगा। इसके बाद गौशाला का निरीक्षण किया, तो पाया कि वहां पर कई जानवर मृत पड़े हैं। जब इस मामले में ग्राम प्रधान अशोक कुमार रिछारिया से बात की गई, तब उन्होंने अपना गैर जिम्मेदाराना बयान दिया और कहा कि हम इस मामले में कुछ नहीं कर सकते। आप ही मरे हुए जानवरों को उठाकर दफनाने का काम करें।

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