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दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री और भाजपा नेता दिवंगत मदन लाल खुराना का ललितपुर से था खास नाता

दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री और भाजपा नेता मदनलाल खुराना का शनिवार देर रात लंबी बीमारी के बाद निधन हो गया

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दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री और भाजपा नेता दिवंगत मदन लाल खुराना का ललितपुर से था खास नाता

ललितपुर. दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री और भाजपा नेता मदनलाल खुराना का शनिवार देर रात लंबी बीमारी के बाद निधन हो गया। उनके एक परिवार के सदस्य ने बताया कि रात 10:45 बजे खुराना ने अपने मोती नगर स्थित घर में आखिरी सांस ली। स्वर्गीय खुराना राजस्थान के राज्यपाल और अटल बिहारी वाजपेयी की सरकार में केंद्र में संसदीय कार्य मंत्री भी रहे। मदन लाल खुराना की मौत से जनपद ललितपुरवासी काफी स्तब्ध रह गए हैं क्योंकि उनका जनपद से गहरा नाता था। वह जब भी जनपद आते थे, यहां के लोगों से मिलकर उनका मन प्रसन्न हो जाता था।

गरीबी में पला था बचपन

15 अक्तूबर, 1936 पाकिस्तान के फैसलाबाद में जन्मे को मदनलाल खुराना का जन्म फैसलाबाद पाकिस्तान में हुआ था। खुराना जी का परिवार बंटवारे के समय पाकिस्तान से ललितपुर आये थे और यहीं रह वस गये और उनके पिता यहीं व्यवसाय करने लगे। खुराना जी की हाई स्कूल तक की शिक्षा दीक्षा राजकीय इंटरकॉलेज ललितपुर में हुयी। बाद में उनका परिवार दिल्ली आ गया और वे आगे की शिक्षा के लिए इलाहाबाद चले गए। बाद में दिल्ली के मुख्यमंत्री व राजस्थान के राज्यपाल भी रहे। मगर इन सब के बावजूद उनका ललितपुर से वही रिश्ता बना रहा।

मदनलाल खुराना का था ललितपुर से खास लगाव

स्वर्गीय पूर्व मुख्यमंत्री मदनलाल खुराना के बारे में उनके अभिन्न मित्र सहपाठी प्रोफेसर भगवत नारायण शर्मा जो कि पूर्व में नेहरू महाविद्यालय के प्राचार्य भी रहे हैं ने बताया कि जिस समय मदन लाल खुराना का परिवार ललितपुर आया उनकी उम्र लगभग 11 वर्ष की रही होगी। उनके पिता राधेश्याम भगत जी सबसे पहले नादीपुरा स्थित रामराजा मंदिर की धर्मशाला में रहे और उसके बाद उन्होंने यहां पर बुखारिया जी का एक मकान किराए से लिया। मदन लाल खुराना जी की शिक्षा दीक्षा ललितपुर के राजकीय इंटर कॉलेज में हुई। वह बहुत ही गरीबी में पले बढ़े। उनके पिताजी अपने हाथ से साबुन बनाकर बेच कर अपने परिवार की गुजर-बसर चलाते थे। इसी गरीबी में उन्होंने अपनी पढ़ाई जारी रखी। उनके अभिन्न मित्रों में कांग्रेस के पूर्व नेता स्वर्गीय बाहुबली कुमार जैन शामिल थे।

जब वे दिल्ली के मुख्यमंत्री बने, तो उसके बाद वह ललितपुर आए। वे अक्सर ललितपुर आते थे। अपने परिचितों, मित्रों, सहपाठियों से ताजगी से मिलते थे और यादें ताजा करते थे। ललितपुर भी अपने इस सपूत पर गर्व करता थे। वह ललितपुर कभी भी मुख्यमंत्री की हैसियत से नहीं आए। उनके निधन की सूचना से जनपद ललितपुर में सभी स्तब्ध रह गये एवं एक शोक का माहौल उत्पन्न हो गया। कभी दिल्ली में जनसंघ और भाजपा के प्रमुख नेता हुआ करते थे। उनकी अगुवाई में 1993 में दिल्ली में भाजपा ने शानदार जीत दर्ज की थी और खुराना मुख्यमंत्री बने थे।