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प्रदेश की पहली बड़ी निर्माणाधीन गौशाला का जिलाधिकारी ने किया निरीक्षण

प्रदेश की पहली बड़ी गौशाला का जिलाधिकारी ने किया निरीक्षण
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ललितपुर

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Mahendra Pratap Singh

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Updated: 1 Jun 2018, 7:35 PM IST

lalitpur news

प्रदेश की पहली बड़ी निर्माणाधीन गौशाला का जिलाधिकारी ने किया निरीक्षण

ललितपुर. जनपद के जिलाधिकारी मानवेंद्र सिंह के अथक प्रयासों के बाद बिना किसी सरकारी निधि या सहायता के देश की पहली सबसे बड़ी गौशाला का निर्माण किया जा रहा है। जिसके निर्माण कार्य पर जिलाधिकारी अपनी पैनी नजर बनाए हुए हैं और समय-समय पर उसका निरीक्षण कर दिशा निर्देश देते रहते है। जिससे वह गौशाला देश की पहली सबसे बड़ी आदर्श गौशाला बन सके । इसी के संबंध में जिलाधिकारी मानवेन्द्र सिंह ने कल्यानपुरा गौवंश आश्रय स्थल का निरीक्षण किया।

अधिकारियों से चर्चा की

निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने कल्यानपुरा गौवंश आश्रय स्थल के विकास के अगले चरण के रूप में सघन वृक्षारोपण कराये जाने पर विभिन्न अधिकारियों से चर्चा की। निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी के साथ मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी डाॅ0 एस0के0 शाक्य तथा जिला उद्यान अधिकारी सुघर सिंह उपस्थित थे, जिनके साथ जिलाधिकारी ने घासों के रोपण और विभिन्न प्रकार के छायादार एवं कटीले वृक्षों के रोपण पर चर्चा की गई।

5000 करौंदे की झाड़ियों का रोपण

जिला उद्यान अधिकारी ने जिलाधिकारी को बताया कि पूरा कल्याणपुरा गौवंश आश्रय स्थल लगभग 4.5 कि0मी0 की परिधि में फैला हुआ है। इस पर प्राकृतिक बाढ़बंदी के लिए नींबू, करौंदे की झाड़ियों का रोपण आवश्यक है। जिला उद्यान अधिकारी ने कहा कि प्राकृतिक बाड़बंदी की बाहरी दीवार के रूप में लगभग 5000 करौंदे की झाड़ियों का रोपण किया जायेगा। इससे 03 मीटर अंदर हटकर दूसरी दीवार के रूप में लगभग 5000 नींबू के पेड़ लगाये जायेंगे। इस बाड़बंदी के अलावा पूरे कल्याणपुरा गौंवश आश्रय स्थल पर 250 बरगद एवं 250 पाकड़ के छायादार वृक्ष लगाये जायेंगे, जो शेड के अतिरिक्त पशुओं के लिए प्राकृतिक छाया उपलब्ध कराएंगे।

होंगी ये तैयारियां भीं

आश्रय स्थल को हरा-भरा रखने के लिए 250 ढाक के वृक्ष भी लगाये जायेंगे। पशु आश्रय स्थल के एक हिस्से में 1500 आंवले के वृक्ष एवं 100-100 वृक्ष आम एवं नीम के कतारबद्ध तरीक से लगाये जायेंगे। आश्रय स्थल के दो तिहाई भाग पर विकसित होने वाले चारागाह में अन्जनी, धामन, दीनानाथ किस्म की घासों का रोपण किया जायेगा, जो भविष्य में गायों को चारे के रूप में प्रयोग में लायी जायेंगी। जिलाधिकारी ने गौवंश आश्रय स्थल के संचालन के लिए मिनी ट्रेक्टर एवं चारा काटने के लिए रीपर मशीनों के खरीद के भी निर्देश दिये।

निरीक्षण के दौरान उप जिलाधिकारी सदर महेश प्रसाद दीक्षित, जिला सूचना अधिकारी पीयूष चंद्र राय, ग्राम प्रधान कल्याणपुरा सहित कार्यदायी के संस्था के अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे।