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सिंचाई को लेकर परेशान हुए ग्रामीण किसान, नहीं बदले गए ट्रांसफार्मर

किसानों को अपनी खेती किसानी के लिए तरह-तरह की मुसीबतों से जूझना पड़ रहा है।

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ललितपुर. जनपद के किसानों की मुसीबतें थमने का नाम नहीं ले रही हैं उन्हें अपनी खेती किसानी के लिए तरह-तरह की मुसीबतों से जूझना पड़ रहा है। ज्यादातर ग्रामीण क्षेत्रों के किसान परेशान नजर आ रहे हैं।

कहीं नलकूप संयोजन को लेकर किसानों की मुसीबतें बढ़ी हैं तो कहीं नहरों के संचालन को लेकर किसान परेशान हैं। कई ग्रामीण क्षेत्रों में ट्रांसफार्मर खराब हो रहे है तो कुछ ओवरलोड की वजह से जल रहे हैं तो कुछ ट्रांसफॉर्मर कई दिनों से खराब पड़े हैं । कहीं नहर में टेल तक पानी नहीं पहुंच रहा तो कहीं नहरों से निकलने वाली गूलें और सांधा खराब पड़े हुए हैं उन में पानी की निकासी नही हो पा रही है ।

सिचाई को लेकर मारामारी शुरु

वर्तमान में रवि की फसल को लेकर सिंचाई का सीजन शुरु हो गया है किसान बुवाई के बाद अब सिंचाई कार्य में जुटा हुआ है। मगर किसानों की चिंता अब भी बरकरार है कि सिंचाई कैसे हो क्योंकि यहां पर अधिकतर किसानों के पास विद्युत मोटर लगी हुई है मगर मोटर चलाने के लिए बिजली उपलब्ध नहीं है। क्योंकि बिजली की कटौती भी हो रही है और ट्रांसफार्मर भी अधिकतर खराब है। शासन की मंशा के अनुरुप ट्रांसफार्मरों को बदला तो जा रहा है मगर स्टोर में ट्रांसफार्मरों की कमी हमेशा बनी हुई है। किसान ट्रांसफार्मर लेकर तो आ रहे हैं मगर उन्हें समय से ट्रांसफार्मर मिलने में काफी दिक्कत हो रही है। क्योंकि यहां पर पर्याप्त मात्रा में ट्रांसफार्मर उपलब्ध नहीं है वहीं दूसरी ओर सिंचाई का दूसरा बड़ा साधन नहर है। सिंचाई विभाग द्वारा नहरें तो खोल दी गई है मगर जिन किसानों की जमीन नहरों के पास है वह तो किसी न किसी तरह अपने खेतों की सिंचाई कर रहे हैं। लेकिन जिन किसानों के खेत नहरों से दूर हैं उनकी सिंचाई के लिए गूलें सांधा तो बने हुए हैं मगर उनमें से पानी नहीं जा पा रहा। क्योंकि अधिकतर गूले खराब है जिनकी रिपेयरिंग नहीं हो पाई है। और नहरों की सफाई ना हो पाने की वजह से पानी टेल तक नहीं पहुंच रहा जिससे नहरों में आखिर में पड़ने वाले किसान भी काफी परेशान हैं।

नल कूप सयोजन लेने में हो रही परेशानी

जिन किसानों के पास सिंचाई के साधन उपलब्ध नहीं है उन्होंने विद्युत विभाग में नलकूप संयोजन लेने के लिए आवेदन किया है। यह कनेक्शन भी उन्हें आसानी से प्राप्त नहीं हो पा रहा है। कई किसानों ने तो आवेदन करके इसका पूरा पैसा भी जमा कर दिया बावजूद इसके वह सामग्री के लिए भटक रहे हैं। इसकी सबसे बड़ी वजह है कि यहां पिछले कई माह से किसी न किसी सामान की उपलब्धता नहीं हो पाई है जिस से किसानो को भारी मुसीबतों का सामना करना पड़ रहा है। अब किसानों को सिंचाई की चिंता सता रही है कि आखिरकार सिंचाई हो तो कैसे हो।

नहीं सुधर रहे हैं ट्रांसफार्मर

खराब और जले हुए ट्रांसफार्मर जो किसान लेकर आ रहे हैं। वह अति शीघ्र नहीं सुधर पा रहे हैं क्योंकि यहां पर ट्रांसफार्मरों की रिपेयर पार्ट्स उपलब्ध नहीं हैं। विद्युत भंडारण गृह में न केवल नए ट्रांसफार्मरों की समस्या है बल्कि पुराने रिपेयर ट्रांसफार्मर की भी यहां पर जबरदस्त मारामारी है। किसानों के खराब ट्रांसफॉर्मर भी यहां पर नहीं बदले जा रहे। पिछले दिनों लगभग एक दर्जन से अधिक रिपेयर ट्रांसफार्मरों की मांग थी और अभी वह पूरी नहीं की जा सकी। इसके बावजूद कई और खराब ट्रांसफार्मर यहां पर आ गए।

इनका कहना है

इस बारे में जिलाधिकारी मानवेंद्र सिंह का कहना है कि किसानों को किसी तरह से परेशान नहीं होने दिया जाएगा। समय पर सिंचाई के लिए किसानों को व्यापक प्रबंध किए गए हैं और जिन किसानों को दिक्कतें हो रही हैं। वह सीधा आकर हमसे संपर्क कर सकते हैं उनकी सभी परेशानियां शीघ्र ही निस्तारित की जाएंगी।

इनका कहना है

इस मामले में सहायक अभियंता नरेंद्र कुमार श्रीवास का कहना है कि किसानों के खराब ट्रांसफार्मर कुछ ज्यादा ही मात्रा में आ गए थे और जीएसटी की वजह से ट्रांसफार्मर की आपूर्ति पर काफी प्रभाव पड़ा है। इसलिए नए ट्रांसफार्मर की अनुउपलब्धता रही है। जिस कारण आपूर्ति में विलंब हो रहा है कोशिश की जा रही है कि ज्यादा से ज्यादा किसानों को ट्रांसफार्मर दिए जा सकें। अभी वर्तमान समय लगभग ट्रांसफार्मर पेंडिंग में है ।