25 लाख ईनाम के चक्कर में बेच दिये पत्नी के जेवर, घर का सामान, ठगों के खाते में डलवाए 3.50 लाख

कौन बनेगा करोड़पति में पैसा जीतने के नाम पर हुआ ठगी का शिकार, 25 लाख रुपये जीतने का लालच देकर ठगों ने बैंक खाते में जमा करवाये करीब 3.50 लाख, इसके लिये पीड़ित ने अपने घर का सामान और पत्नी के जेवर बेच दिया। समय बीतने के बाद ठगी का अहसास होते ही पुलिस अधीक्षक को शिकायती पत्र देकर मामले में कार्यवाही की उठाई मांग।

ललितपुर. "कौन बनेगा करोड़पति" में बड़ी रकम जीत लेने का झांसा देकर रकम को खाते में ट्रांसफर करने के खर्चे के नाम पर एक सीधे सादे भोले भाले ग्रामीण से बैंक खाते में लाखों रुपयों की रकम जमा करवा ली। इतना ही नहीं रकम जमा करने के बाद जब काफी दिनों तक उसके बैंक खाते में जीती हुई रकम नहीं आई तक उसे ठगी होने का अहसास हुआ । जिसके बाद पीड़ित ने पुलिस अधीक्षक को शिकायती पत्र देकर मामले में कार्यावही की गुहार लगाई है। मामला कोतवाली तालबेहट के स्थानीय कस्बे के है जहां ग्रामीण के साथ ठगी हुई।

 

उक्त मामले में कस्बा तालबेहट निवासी विनोद कुमार अहिरवार पुत्र कौशल अहिरवार ने पुलिस अधीक्षक प्रमोद कुमार को एक शिकायती पत्र देकर अवगत कराया कि वह जब सुबह-सुबह अंबे मां की आरती कर रहा था । तभी उसके मोबाइल पर 6295953031 नम्बर से एक फोन आया जिस पर बोलने वाले ने अपना नाम आकाश वर्मा बताया और कहा कि वह एसबीआई ब्रांच से बोल रहा है। उसने बताया कि आप "कौन बनेगा करोड़पति" में 25 लाख जीत चुके है। यह पैसा उनके बैंक अकाउंट में ही ट्रांसफर किया जाएगा जिसके लिए उन्हें उनका बैंक अकाउंट नंबर पति-पत्नी के फोटो चाहिए और यह पैसा देने के एवज में टैक्स का पैसा बैंक की फॉर्मेलिटीज का पैसा एवं अन्य खर्च मिला कर करीब 5 लाख रुपये चाहिए जो आप हमारे बैंक अकाउंट में ट्रांसफर करेंगे । उसके बाद ही आपको आपकी जीत का 25 लाख रुपए आपके बैंक खाते में ट्रांसफर कर दिया।

 

शुभ समय में यह बात सुनकर उसे यकीन हो गया कि अंबे मां उस पर प्रसन्न हैं और उसकी लॉटरी लग गई है । जिस पर भरोसा करके उसने अलग-अलग किस्तों में आकाश वर्मा के द्वारा बताए गए बैंक अकाउंट नंबर में अलग-अलग किस्तों में करीब 3 लाख 50 हजार रुपये जमा कर दिया। यह पैसा उसने अपनी पत्नी और अन्य परिजनों के जेवर बेचकर इकट्ठा किया था इसके बाद उसने किसी अन्य जानने वाले व्यक्ति से जब डेढ़ लाख रुपया उधार मांगा । सब कुछ जानने वाले व्यक्ति ने उसे बताया कि ऐसे कॉल फ्रॉड होते हैं जिन पर भरोसा नहीं करना चाहिए।

 

इसके बाद जब उसने उस नंबर पर वापस फोन किया तब फोन नहीं लगा और जब उसने एसबीआई के कस्टमर केयर पर फोन किया तब वहां से बताया गया कि कोई फ्रॉड कॉल था आपके साथ ठगी हुई है। यह सुनकर उसके होश उड़ गये और पैरों के नीचे धरती खिसक गई। जिसके बाद वह सीधा कोतवाली तालबेहट पहुंचा जहां उसने कोतवाली प्रभारी को शिकायती पत्र दिया । लेकिन जब वहां से कोई समुचित कार्यवाही नहीं की गई तो वह सीधा पुलिस अधीक्षक कार्यालय आया और पुलिस अधीक्षक प्रमोद कुमार के नाम एक शिकायती पत्र देकर पूरे मामले में समुचित कार्यवाही करने की मांग उठाई।

 

इस मामले में पीड़ित विनोद कुमार ने बताया कि जब वह आरती कर रहा था तभी उसे बड़ी रकम जीतने का फोन आया था। आरती करते समय सब समय में आया हुए फोन पर उसने इसलिए भरोसा कर लिया कि अंबे मां उस पर प्रसन्न है क्योंकि वह अंबे मां की सेवा करता है। और उसने सारी बात सुनकर फोन वाले व्यक्ति के खाते में अलग-अलग किस्तों में पैसा जमा कर दिया और जब उसे एहसास हुआ कि उसके साथ ठगी हुई है तो वह है पुलिस अधीक्षक के पास शिकायत करने आया।

By Sunil Jain

रफतउद्दीन फरीद
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