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सोशल मीडिया पर आईएएस बी चंद्रकला के नाम से विवादित पोस्ट, लिखी यह बात

आईएएस बी चंद्रकला के नाम से सोशल नेटवर्किंग साइट पर की गई है विवादित पोस्ट

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ias b chandrakala

सोशल मीडिया पर आईएएस बी चंद्रकला के नाम से विवादित पोस्ट, लिखी यह बात

लखनऊ. हमीरपुर अवैध खनन से चर्चा में आईं आईएएस बी चंद्रकला के नाम से सोशल नेटवर्किंग साइट लिंक्डइन पर 'सुनो, ऐ सरकारें हत्यारी, तुम, जाने की, करो तैयारी' शीर्षक से कविता पोस्ट की गई है। हालांकि, बी चंद्रकला की कविता की चर्चा हर ओर है लेकिन इसका खंडन कर उन्होंने कहा है कि लिंक्डइन पर उनका कई अकाउंट नहीं है। उनके नाम पर जो भी कुछ पोस्ट किया जाता है, उससे उनका कोई लेनादेना नहीं है। उनके नाम से बने फर्जी अकाउंट के बारे में उन्होंने नोएडा पुलिस से शिकायत भी की है।

पहले भी कविता रही सुर्खियों में

लिंक्डइन पर बी चंद्रकला के नाम से बने अकाउंट से पहले भी कविता पोस्ट की जा चुकी है। हालांकि, जिस अकाउंट से पोस्ट डाले जाते हैं वह वेरिफाइड नहीं है। बावजूद इसके अकाउंट पर 30 हजार से ज्यादा फॉलोअर्स हैं और सभी पोस्ट पर हजारों की संख्या में लाइक और कमेंट्स आते हैं। इन कविताओं की एक और खास बात ये है कि तीनों पोस्ट में राजनीतिक स्थिति पर व्यंग्यात्मक शैली में करारा प्रहार किया गया है।

यह लिखी है कविता

आईएएस बी चंद्रकला के नाम से पोस्ट की गई कविता से पहले लिखा गया है कि भारतीय राजनीति में फटे कुर्ते से लेकर लाखों के सूट तक के तमाम अच्छे दिन देख चुकी है, लेकिन भारतीय जवानी आज भी समस्याओं के दलदल में फंसी कराह रही है। राजनीति ने हमें' 0=100 जानें' का गणित भी सिखाया, कालेधन का सांप दिखाते-दिखाते, मदारी ने सौ जानें ले ली। राजनीति की कॉमेडी, असल में ट्रेजडी होती है।

सुनो, ऐ सरकारें हत्यारी, तुम, जाने की, करो तैयारी।

कण-कण में हम आंधी हैं, हम भारत के, गांधी हैं।

लोकतंत्र का एक निशान, जन-गण-मन का करो, सम्मान।

लोकतंत्र की एक कसौटी, कण-कण फैले जीवन-ज्योति।

" "जमीर जो कहे, वही कर, जालिम कहाँ डरता है जो, तू किसी से डर।

हर तूफान को पता है, हम आसमान हैं, वक्त के सीने पर मुकम्मल निशान हैं। अपने रास्ते पर चल, हर रंग तेरी है, ये धरती तेरी है, ये गगन तेरी है, हर गुल तेरी है कि, ये गुलशन भी तेरी है।

जमीर जो कहे, वही कर, जालिम कहां डरता है जो, तू किसी से डर।"