2 नवंबर 2026,

सोमवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

पुलिस की कार्रवाई संदेह के घेरे में, पैदा हुआ शांति भंग का खतरा

जनपद पुलिस अपने किए गए कार्यों से किसी न किसी तरह हमेशा चर्चा में बनी रहती है।
2 min read
Follow Patrika on Google News
Google source verification

ललितपुर

•

image

Mahendra Pratap Singh

•

Updated: 23 Nov 2017, 12:21 PM IST

Police action in doubt in lalitpur hindi news

ललितपुर. जनपद पुलिस अपने किए गए कार्यों से किसी न किसी तरह हमेशा चर्चा में बनी रहती है और जनपद पुलिस पर कई आरोप लगते रहते हैं। यहां तक की पब्लिक द्वारा कई मौकों पर पुलिस वालों की पिटाई भी की गई है। इसके बाद भी जनपद पुलिस सुधरने का नाम नहीं ले रही है। हाल ही में ताजे मामले में पुलिस को मारे हुए लोगों से शांति भंग का खतरा पैदा हो गया है। जिसके चलते पुलिस ने मुर्दों पर शांति भंग की कार्रवाई की है।

यह है पूरा मामला

पुलिस के लिए हर मर्ज की दवा शांति भंग की कार्रवाई है ऐसे में पारदर्शिता को लेकर सवाल उठाना लाजमी है। कोतवाली पुलिस की सिटी चौकी पुलिस ने नया कारनामा कर दिखाया। नगर निकाय चुनावों को लेकर चल रही ताबड़तोड़ कार्रवाई मैं पुलिस ने सदर कोतवाली क्षेत्र के अंतर्गत 13 लोगों को शांति भंग के आरोप में पाबंद किया है। जिनमें से मोहल्ला चौका बाग के कुछ लोग शामिल है। पुलिस ने मुकदमा अपराध संख्या 3024 /17 में धारा 107/116 के तहत कार्रवाई की है। जिसके आधार पर उप जिला मजिस्ट्रेट न्यायालय ने धारा 111 के अंतर्गत नोटिस जारी की गई है जिनमें ₹50000 की धनराशि से पाबंद किए जाने का प्रावधान है। पुलिस ने अपनी कार्रवाई में एक ऐसे व्यक्ति का नाम शामिल कर दिया है जिसकी मौत 4 महीने पहले हो चुकी है इतना ही नहीं बीते 28 जुलाई को चौका बाग निवासी एक व्यक्ति की मौत भी हो चुकी है।

इस मृतक पर हुई कार्रवाई

सदर कोतवाली क्षेत्र के मोहल्ला चौका बाग निवासी नारायण साहू पुत्र खुशी लाल साहू ने फांसी के फंदे पर लटक कर आत्महत्या कर ली थी। जिसकी सूचना सदर कोतवाली पुलिस को दी गई थी और पुलिस ने मौके पर आकर उसके शव को फंदे से उतारकर पोस्टमार्टम के लिए भिजवाया था। इसके अलावा शांति भंग की आशंका में पावन किए गए विपिन दुबे एवं कृष्ण कुमार नामदेव के पिता का नाम बदलकर उन्हें पाबंद कर दिया गया है। पुलिस ने अपनी कार्रवाई में विपिन दुबे के पिता का नाम सत्यनारायण दर्शाया है जबकि उसके पिता का नाम प्रेम नारायण है। इसी तरह कृष्ण कुमार नामदेव के पिता का नाम वसंत नामदेव लिखा गया है जबकि उसके पिता का नाम सनत नामदेव है। कोतवाली की सिटी चौकी पुलिस की यह कार्रवाई नगर में चर्चा का विषय बनी हुई है।

पुलिस कार्रवाई पर खड़े हुए सवाल

जिस तरह पुलिस ने अपनी कार्रवाई को अंजाम दिया है उस पर सवालिया निशान लगाया जाना लाजमी है। पुलिस की कार्रवाई से लोगों में पुलिस के प्रति भरोसा कम हुआ है। लोगों का कहना है कि धरातल परिस्थिति का सही आंकलन किए बगैर ही शांति भंग की कार्रवाई के नाम पर कागजी कोरम पूरा किया गया है। सूची में ऐसे लोगों के नाम भी शामिल कर लिए गए है। जो इस दुनिया में है ही नहीं। पुलिस केवल कागजी घोड़े दौड़ाती रहती है मगर धरातल पर हकीकत क्या है यह जानने की बिल्कुल भी कोशिश नहीं करती है।