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स्कूलों व आंगनबाड़ी केन्द्रों में लगाई गई पोषण वाटिका, आंगनबाड़ी केन्द्रों, विद्यालयों में उगाई जाएगी साग-सब्जी

कुपोषण मुक्त, स्वस्थ और मजबूत भारत के निर्माण के उद्देश्य से सितम्बर को पोषण माह के रूप में मनाया गया है।

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स्कूलों व आंगनबाड़ी केन्द्रों में लगाई गई पोषण वाटिका, आंगनबाड़ी केन्द्रों, विद्यालयों में उगाई जाएगी साग-सब्जी

स्कूलों व आंगनबाड़ी केन्द्रों में लगाई गई पोषण वाटिका, आंगनबाड़ी केन्द्रों, विद्यालयों में उगाई जाएगी साग-सब्जी

ललितपुर. कुपोषण मुक्त, स्वस्थ और मजबूत भारत के निर्माण के उद्देश्य से सितम्बर को पोषण माह के रूप में मनाया गया है, इसमें प्रत्येक दिन अलग अलग मुद्दों पर कार्यक्रम आयोजित किए गए, इसी की कड़ी में जनपद के आंगनवाड़ी केन्द्रों और स्कूलों में पोषण वाटिका लगाने का कार्यक्रम मनाया गया।

पोषण की महत्ता के प्रति जागरूक

केंद्र और प्रदेश सरकार द्वारा संचालित पोषण अभियान को विभिन्न विभागों के समन्वय से जन आन्दोलन के रूप में चलाया जा रहा है। इसमें न केवल लाभार्थी व उसका परिवार बल्कि पूरे समुदाय के सभी वर्ग को पोषण की महत्ता के प्रति जागरूक किया रहा है। महिलाओं, किशोर-किशोरियों एवं बच्चो में कुपोषण की व्यापकता होने के कारण ‘पोषण वाटिका’ बनाई जा रही है, जिससे कि समुदाय को उनके स्थानीय स्तर पर पोषण युक्त खाद्य पदार्थों के बारें में जागरूक किया जा सके।

आंगनवाड़ी केन्द्र पर जगह चिन्हित

जिला कार्यक्रम अधिकारी पुष्पा वर्मा ने बताया पोषण वाटिका सम्पूर्ण पोषण अभियान का एक बहुत ही महत्वपूर्ण अंग है, जिसके अन्तर्गत हर एक आंगनवाड़ी केन्द्र पर एक जगह चिन्हित करके विभिन्न तरह के फ़लदार एवं स्वास्थ के लिए लाभकारी पेड़ों जैसे- सहजन, आंवला, नींबू, अमरूद, करोंदा, आम इत्यादि का पौधरोपण करना है एवं हरि साग सब्ज़ियां जैसे - तोरई, लौकी, कद्दू, टमाटर, पालक, मैथी, बथुआ इत्यादि को भी लगाने के निर्देश दिए हैं। पोषण वाटिका पुराने 'किचन गार्डन' का ही नवीन रूपांतरण है।

उनके अनुसार पोषण वाटिका लगाने के अनेकों लाभ हैं जैसे- हर मौसम में ताज़ी साग सब्ज़ी उपलब्ध होगी, बच्चों एवं गर्भवतियों के लिए ताज़े फल मिलेंगे, हरे भरे वातावरण से वायु का शुद्धिकरण होगा और जो कम आय के तबके के लोग हैं उन्हें बाजार से सब्ज़ियाँ एवं फल नहीं खरीदने पड़ेंगे, जिससे उनके खर्चों में कमी आएगी! ताज़े फलों और हरी सब्ज़ियों सेवन से कमज़ोर एवं कुपोषित बच्चों के शरीर में सही मात्रा में पोषक तत्वों की भरपाई हो सकेगी एवं गर्भवती और धात्री महिलाओं के स्वास्थ में वृद्धि होगी, जिससे शारीरिक तथा मानसिक विकास हो सकेगा।

पोषण वाटिका हम सभी एक मुहिम की तरह जनभागीदारी को सुनिश्चित करते हुए अपने जिले के सभी केंद्रों में लगवा रहे हैं और पौधारोपण होने के बाद गांव में ज़्यादा से ज़्यादा जनभागीदारी से इसकी सुरक्षा का इंतज़ाम किया जाएगा! पोषण अभियान को सफल एवं प्रभावशाली बनाने में पोषण वाटिका का एक अहम योगदान है और इसे एक प्रभावशाली मॉडल के रूप में हम इसका प्रचार प्रसार भी करवा रहे हैं।

गुणकारी है सहजन

सहजन में दही से भी दोगुना अधिक प्रोटीन और गाजर से भी चार गुना अधिक विटामिन ए पाया जाता है, इसमें दूध से भी चार गुना अधिक कैल्शियम तथा संतरा से भी सात गुना अधिक विटामिन सी के साथ शून्य प्रतिशत कोलेस्ट्रोल पाया जाता है।