ललितपुर. सूबे के कुमारों ने स्वदेशी आंदोलन के साथ-साथ सरकार को भी धन्यवाद दिया है कि सरकार ने थर्माकोल और प्लास्टकों के सामान पर जो रोक लगाई है, उससे उन्हें एक बार फिर खड़े होने का मौका मिला है। उनकी आर्थिक और सामाजिक स्थिति भी सुदृढ़ होने की संभावना है।
इस बारे में कुम्हारों ने बताया कि वर्तमान समय में उनके द्वारा बनाए जाने वाले सामान जैसे दीपक कुल्लड़ ग्वालन आदि की मांग बाजार में बढी है। इसके साथ उन्हें उम्मीद है कि प्लास्टिक वर थर्माकोल के सामान बंद होने से उनके कुल्हड़ों की मांग रेलवे के साथ-साथ आम जनता में भी बढ़ रही है। शादी ब्याह के साथ अन्य उत्सवों में भी उनके कुल्हड़ों की मांग दिन-प्रतिदिन बढ़ रही है जिससे उनकी आर्थिक स्थिति अच्छी होने लगी है। उन्होंने सरकार से मांग की है कि अगर उन्हें सरकारी योजना के तहत विद्युत चलित चाक और मिट्टी के लिए कुछ सुविधा दे दी जाए तो उनका मुनाफा और बढ़ जाएगा, जिससे उनका जीवन स्तर सुधर जाएगा।
बाजारों में अन्य वस्तुएं बेच रहे दुकानदारों की भी आने वाले ग्राहकों की उम्मीद बंधी है। उनका भी कहना है कि यदि इस बार दिवाली का बाजार अच्छा चलता है तो उनकी आर्थिक स्थिति में भी सुधार होगा क्योंकि कोरोना काल में उनकी आर्थिक स्थिति काफी बदहाल हो चुकी है और उनके सामने अपने परिवार के भरण-पोषण का संकट भी आ खड़ा हुआ है।