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ललितपुर

सपा के इस दिग्गज नेता की करीब रहीं इस नगर पंचायत अध्यक्ष ने थामा भाजपा का दामन, बसपा से भी रहे हैं रिश्ते

– तालबेहट नगर पंचायत अध्यक्ष हुईं बीजेपी में शामिल- सपा बसपा कांग्रेस के दिग्गज नेताओं के करीबी के रूप में जानी जाती रहीं है नगर पंचायत अध्यक्ष- लोगों का कहना है कि मौके पर चौका लगाती हैं हमारी अध्यक्षा

ललितपुरApr 21, 2019 / 08:54 pm

Abhishek Gupta

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ललितपुर. जनपद की ऐतिहासिक तहसील तालबेहट में पिछले तीन पंच वर्षों से नगर पंचायत की कुर्सी पर आसीन नगर पंचायत अध्यक्ष मुक्ता सोनी अपने समर्थकों के साथ भारतीय जनता पार्टी में शामिल हो गईं। इस मौके पर श्रम राज्यमंत्री मन्नू लाल कोरी के साथ बीजेपी के स्थानीय दिग्गज नेता मौजूद रहे । मुक्ता सोनी और बीजेपी की बैठकें पिछले कई दिनों से लगातार हो रही थीं, मगर दोनों के बीच बात नहीं बन रही थी और फिर अचानक नगर पंचायत अध्यक्ष मुक्ता सोनी बीजेपी में शामिल हो गईं, जिस की अटकलें कस्बे में कई दिनों ले लगाई जा रही थी।
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खाक छानकर बीजेपी का थामा दामन-

तालबेहट कस्बा बीजेपी का गढ़ माना जाता रहा है, इसके बावजूद पिछले 15 वर्षों से बीजेपी के करीब नहीं गई जबकि सन् 1991 से बीजेपी लगातार तालबेहट कस्बे से जीत हासिल कर रही हैं, लेकिन वह बीजेपी के करीब भी नहीं गईं। नगर पंचायत अध्यक्ष मुक्ता सोनी ने कई बार सपा-बसपा और कांग्रेस के कई दिग्गज नेताओं का साथ लिया और उनके लिए चुनाव प्रचार भी किया लेकिन आखिरकार अब उन्होंने सभी पार्टियों की खाक छानकर आखिर में बीजेपी का दामन थाम लिया।
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सपा के दिग्गज नेता चंद्रपाल सिंह यादव की थीं करीबी-

लगभग ढाई साल से उत्तर प्रदेश में बीजेपी की सरकार है और यही सरकार नगर पंचायत के विकास के लिए पैसा भी आवंटित करती है, तो फिर ऐसे में वह अपना नुकसान कैसे कर सकती थी। कस्बे में रहने वाले कई लोगों का कहना है कि वह मौका देखकर चौका लगाती हैं । जब सपा का शासन था तब वह समाजवादी पार्टी के दिग्गज नेता चंद्रपाल सिंह यादव के करीबी मानी जातीं रहीं, उसके बाद बसपा शासन में महरौनी से विधायक बने फेरन लाल के करीबी के रूप में जाने जानी लगी। वहीं कांग्रेस सरकार में राज्य मंत्री के पद से नवाजे गए प्रदीप जैन आदित्य से भी उन्होंने करीबी रिश्ता रखा और उनके पास वह कांग्रेसी पार्टी से विधायक की टिकट मांगने के लिए चक्कर भी लगाती रहीं, मगर जब टिकट नहीं मिली तब उन्होंने प्रदीप जैन आदित्य पर उत्पीड़न जैसे गंभीर आरोप लगाए, जिसकी मीडिया में काफी चर्चा भी रही।
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यह है नगर पंचायत अध्यक्ष का इतिहास-

पिछले पांच वर्षीय से नगर पंचायत अध्यक्ष रहीं मुक्ता सोनी का लंबा इतिहास है। 2007 में कांग्रेस पार्टी के टिकट पर तालबेहट नगर पंचायत का चुनाव लड़ा और झाँसी विधायक प्रदीप जैन की लोकप्रियता का फायदा उठाते हुए तालबेहट नगर पंचायत अध्यक्ष बने । इसके बाद जैसे ही 20०7 में यूपी में बीएसपी की सरकार बनी तो वह बीएसपी के फेरन लाल अहिरवार की खासम खास बन गई। 2009 तक वह बीएसपी के साथ रहीं, लेकिन 2009 में हुए लोकसभा चुनावों में प्रदीप जैन आदित्य केंद्रीय मंत्री बने, जिसके बाद दोनों में फिर से नज़दीकियां हुई और नगर पंचायत अध्यक्ष कांग्रेसी हो गईं। 2012 के विधानसभा चुनावों में कांग्रेस से टिकट न मिलने पर प्रदीप जैन आदित्य पर गम्भीर आरोप लगा कर यूपी में सपा की सरकार बनते ही नगर पंचायत अध्यक्ष समाजवादी पार्टी की तरफ रुख कर गईं और बुंदेलखंड के नेता चंद्रपाल सिंह यादव के साथ समाजवादी पार्टी की सत्ता का लाभ उठाया।
ऐसे पहुंचीं भाजपा में-

2014 के चुनावों में चन्द्रपाल सिंह यादव की हार के साथ ही नगर पंचायत अध्यक्ष ने उनसे दूरियां बना ली । 2017 के विधानसभा चुनाव में एक बार फिर सपा की सरकार बनने का सपना देख रही नगर पंचायत अध्यक्ष सपा नेता बन गईं। 2017 चुनावों में यूपी में बीजेपी की सरकार बनते ही बीजेपी से टिकट पाने की कोशिश की।नहीं मिला तो निर्दलीय ही 1100 मतों से चुनाव जीत कर बीजेपी से नजदीकियां बढ़ाती रहीं। और बीजेपी में जाने की उनकी कोशिश कामयाब हुई।इसके पहले वह 2012 बन्देलखण्ड कांग्रेस राजा बुंदेला की पार्टी से विधायक का चुनाव लड़ चुकी हैं, जिसमें होटल ललित पैलेस में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने सभी पार्टियों पर कोई ना कोई तोहमत लगाई थी।
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