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सिक्किम हादसा: केक काटते जुड़वां बेटा-बेटी कर रहे थे पापा की बर्थडे विश का इंतजार, मिली शहादत की खबर

बच्चों के केक काटने की तैयारी चल रही थी। तभी फोन बजा, उठाते ही सामने वाले ने कहा- चरण सिंह की बस पलट गई है।

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सिक्किम के जेमा में शुक्रवार को हुए दर्दनाक सड़क हादसे में 16 जवान शहीद हो गए। शहीद जवानों में चरण सिंह भी थे। वो यूपी के ललितपुर के रहने वाले थे। शुक्रवार को ही चरण सिंह के जुड़वां बच्चों का जन्मदिन था और वहां उनकी बस हादसे का शिकार हो गई।

बच्चों को जन्मदिन पर मिली पापा की मौत की सूचना
चरण सिंह की शादी साल 2011 में हुई थी। उनके जुड़वा बच्चे हैं। शुक्रवार को उनके बेटे सुख सिंह और बेटी नव्या का जन्मदिन था। जन्मदिन की बधाई देने के लिए उन्होंने सुबह अपने बच्चों से बात की थी। इसके बाद शाम को बात करने का वादा कर फोन रख दिया।

शाम को बच्चों के केक काटने की तैयारी चल रही थी। तभी फोन बजा और सामने वाले ने चरण सिंह की बस पलट जाने और उनके शहीद होने की खबर दी।

बड़े भाई को मिली शहादत की खबर
चरण सिंह के बड़े भाई बृजपाल सिंह ने बताया, “हर कोई चरण के जुड़वां बच्चों के बर्थडे सेलिब्रेशन की तैयारी में लगा था। मेरे पास सिक्किम से यूनिट के अधिकारी का फोन आया। फोन पर ही उन्होंने पहले चरण सिंह की बस के दुर्घटना का शिकार होने की बात कही। फिर चरण के शहीद होने की बात कही। इतना सुनते ही मैं लड़खड़ा गया। चरण के जाने की खबर आने के बाद से ही परिवार में कोहराम मचा हुआ है।”

शहीद के बड़े भाई बृजपाल सिंह ने बताया कि उनके पिता किसान हैं और वो तीन भाई हैं। जवान चरण सिंह तीन भाइयों में सबसे छोटे थे। बृजपाल रोते हुए कहते हैं, छोटे होने की वजह से भी वो माता-पिता के सबसे चहेते थे।

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22 दिन पहले ही गए थे ड्यूटी पर
35 साल के चरण सिंह का आर्मी में सिलेक्शन 2004 में हुआ था। फिलहाल वह सिक्किम में 26 नायक यूनिट में तैनात थे। परिजनों ने बताया कि चरण सिंह करीब दो माह पहले ही छुट्टी पर आए थे। छुट्टी के बाद एक दिसंबर को वह सिक्किम वापस गए थे।