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सेना भर्ती के दौरान दौड़ में पास होने के बाद अचानक हुई मौत, पांच बहनों में इकलौता भाई..

देश की रक्षा करने का सपना देखते देखते एक बालक बड़ा हुआ और जब देश की रक्षा करने की बारी आई तभी एक सपना बनकर रह गया। मामला यूपी के ललितपुर जिले से जुड़ा हुआ है। जहां देश की रक्षा करने हेतु परीक्षा क्वालीफाई करने के बाद प्रदेश मुख्यालय पर प्रमाण पत्र मिलने का इंतजार कर रहा था। तभी अचानक गिर पड़ा जिससे उसकी मौत हो गई।

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Lalitpur Boy Death during Army Bharti Camp in Lucknow

Lalitpur Boy Death during Army Bharti Camp in Lucknow

ललितपुर जिले के रहने वाले रमजान खान का इकलौता बेटा सेना भर्ती सर्टिफिकेट लेने गया फिर लौटकर नहीं आया। अधिकारियों ने परिजनों को उसकी मौत की सूचना दी। सूचना मिलते ही परिजन लखनऊ के लिए रवाना हो गए। जिनके रविवार की देर रात तक शब लेकर अपने घर लौटने की उम्मीद जताई जा रही है। बताया गया है कि मृतक 5 बहिनों में इकलौता भाई था।

रमजान खान का इकलौता बेटा शाकिर अली

ललितपुर में थाना गिरार के ग्राम परसटा निवासी रमजान खान का इकलौता पुत्र 22 साल का शाकिर अली गत 20 मई 2022 को लखनऊ के सीआरपीएफ कैम्प में चल रही SSC GD की भर्ती प्रक्रिया में भाग लेने गया हुआ था। जिसके बाद वाहां पर 21 मई को सुबह दौड़ का आयोजन हुआ था जिसमें शाकिर ने तय समय सीमा के भीतर रनिंग पूरी कर ली। इसके बाद शाम को उसे प्रमाण पत्र मिलना था। जिसके लिए वह ग्राउंड में इंतजार कर रहा था। तभी अचानक उसकी तबियत बिगड़ गई थी औरतजिसके बाद उसके दोस्त तूलसीराम उसे अस्पताल भी ले गया। जहां चिकित्सकों ने परीक्षण के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। अनुमान लगाया जा रहा है कि उसकी मौत हार्ट अटैक के कारण हुई होगी। इस घटना की सूचना जैसे ही उसके परिजनों को मिली परिवार में कोहराम की स्थिति उत्पन्न हो गई हालांकि परिजनों ने अपने आप को संभालते हुए परिजन लखनऊ के लिए रवाना हो गए।

दौड़ में भाग लेते ही पास हो गया था

जिगरी दोस्त गांव के ही निवासी तूलसीराम ने बताया कि वह लोग 20 मई को लखनऊ आ गए थे। 21 मई को सुबह शाकिर ने दौड़ में भाग लिया और वह पास हो गया था। शाम को प्रमाण पत्र लेने के लिए खड़े थे। तभी उसकी तबियत बिगड़ गई और अस्पताल ले जाते समय उसकी मौत हो गई। उसने बताया कि शाकिर पांच बहनों में इकलौता भाई था और पढ़ने लिखने में काफी होशियार था।

खेती करके बेटे को पढ़ाया

ललितपुर में पेशे से किसान पिता रमजान खान खेती किसानी करके उसे पढ़ा रहे थे। शाकिर की तमन्ना थी कि वह किसी भी प्रकार से हो देश की सेवा करना चाहता था। इधर परिजनों को सूचना मिलने पर वह लखनऊ के लिए रवाना हो गए है और रविवार की देर रात तक उसका शव लेकर अपने घर पहुंच जाएंगे।