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उमा भारती ने विवेक तिवारी हत्याकांड में सीएम योगी के बयान पर कही बड़ी बात

राजधानी के गोमतीनगर में एप्पल एरिया मैनेजर विवक तिवारी की हत्या के बाद विपक्ष भी योगी सरकार व कानून व्यवस्था पर जमकर निशाना साध रहा है।
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ललितपुर

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Abhishek Gupta

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Updated: 30 Sep 2018, 3:46 PM IST

Uma bharti

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ललितपुर. राजधानी के गोमतीनगर में एप्पल एरिया मैनेजर विवक तिवारी की हत्या के बाद विपक्ष भी योगी सरकार व कानून व्यवस्था पर जमकर निशाना साध रहा है। वहीं रविवार को ललितपुर भाजपा सांसाद उमा भारती ने योगी सरकार का बचाव किया है। केंद्रीय मंत्री उमा भारती रविवार को अपने निजी कार्य के लिए सैदपुर जाते समय ललितपुर में मीडिया के सवालों का जवाब दे रहीं थीं।

राजनीति करना गलत-

विवेक तिवारी की मौत के मामले में केंद्रीय मंत्री उमा भारती ने ललितपुर में कहा कि वह इस घटना को सुनकर काफी दुखी हुई हैं। उन्होंने विपक्ष पर हमला करते हुए कहा कि राजनीतिक पार्टियों को मौत पर राजनीति नहीं करनी चाहिए, बल्कि पीड़ित परिवार के साथ सहानुभूति दिखाना चाहिए। इस मामले में योगी सरकार ने दोनों सिपाहियों को बर्खास्त करते हुए जेल भेजा है। उमा भारती ने कहा कहा कि विवेक तिवारी की हत्या बहुत दुखद घटना है, लेकिन इस पर 'योगी और डीजीपी ने हत्या कर दी' यह कहना गलत है। उन्होंने इसको एनकाउंटर नहीं कहा है। बल्कि इसको हत्या कहा है, लेकिन इसको लेकर सीधे ये मान लेना कि योगी या डीजीपी में मार डाला ये गलत है। इस पर राजनीति नहीं करनी चाहिए। राजनीति तब करनी चाहिए थी, जब हमारी तरफ से कोई कार्रवाई में कोई कमी रहती।

विपक्ष को परिवार के साथ सहानुभूति दिखानी चाहिए-

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि इससे पहले समाजवादी पार्टी की सरकार में रामवृक्ष के जैसे कांड हो गए, जिसमें खुले आम एसडीएम और डीएसपी की मौत के घाट उतार दिया गया था। वहां डीएम और एसपी घुस नहीं पाते थे, इसलिये चाहे कांग्रेस हो, सपा हो या बसपा, उन्हें इस वक्त विवेक तिवारी के परिवार के साथ सहानुभूति दिखानी चाहिए और नज़र रखनी चाहिए कि इस परिवार के साथ अन्याय न हो। और इसमें जो दोषी हो, उन्हें सजा मिलनी चाहिए।

उमा भारती ने कहा कि इससे बड़ी कार्रवाई क्या हो सकती है कि सिपाहियों पर धारा 302 कायम हो गई है, उनको जेल भेज दिया गया है व नौकरी से बर्खास्त कर दिया गया है। वहीं आगे मामले की सुनवाई होगी और हत्या के मामले में तो फांसी तक का प्रावधान है। उन्होंने कहा कि सरकार कोई कसर नहीं छोड़ेगी, लेकिन फिर भी न्यायिक प्रक्रिया का पालन करना पड़ेगा।