
lalitpur
ललितपुर. उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्य नाथ और उनकी कैबिनेट ने भले ही सूबे से भ्रष्टाचार को जड़ से खत्म करने के वादे किए हों, लेकिन उसके ही अधिकारी अौर कर्मचारी मिलकर भ्रष्टाचार को बढ़ावा दे रहे हैं। उत्तर प्रदेश सरकार भले ही गरीबों के हित के लिए सैकड़ों योजनाओं को चलाकर लाभ पहुंचाने की बात कर रही हो लेकिन इन भ्रष्ट अधिकारियों के चलते सरकार की यह मंशा कभी भी पूरी नहीं हो सकती।
भ्रष्टचार का दीमक जनपद को कर रहा है खोखला
हाल ही में ताजा मामला तहसील महरौनी के खटौरा गांव का है, जहां लेखपाल कमलेश कुमार सरकारी काम के बदले रिश्वत लेते हुए कैमरे में कैद हुए हैं। यह लेखपाल बगैर पैसे लिए कोई भी कार्य नहीं करते है । यह लेखपाल गरीबों व आम नागरिकों और किसानों से खुलेआम पैसा लेने का आदी हो चुका है । आज इन भ्रष्ट लेखपालों के पास संपत्ति करोड़ों की आलीशान बंगले है । यह एक उदाहरण नहीं है जनपद में एेसे कई उदाहरण सामने आए हैं। इस लेखपाल के दो करोड़ से ऊपर की लागत से बना मैरिज गार्डन खास उदाहरण है।
वहीं इस मामले में जब SDM महरौनी धीरेंद्र प्रताप सिंह से बात की गई तो उन्होंने बताया कि वह पिछले एक सप्ताह से छुट्टी पर है मामला आपके द्वारा संज्ञान में आया है। छुट्टी से वापस आने के बाद पूरे मामले की जांच की जाएगी और अगर इस में लेखपाल दोषी पाया जाता है तो उसके खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
वही इस मामले में तहसीलदार महरौनी अभिषेक कुमार का कहना है कि मामला दो दिन पहले हमारे संज्ञान में आया था। जिस पर हम कार्रवाई करते हुए वायरल वीडियो की सत्यता की जांच करवा रहे हैं और उस वीडियो में जो ग्रामीण पैसे देते हुए दिखाया जा रहा है उससे भी इस मामले में पूछताछ की जा रही है। इस मामले में अगर दोनों में से कोई भी दोषी यह दोनों दोषी पाये जाते है तो उनके खिलाफ सख्त से सख्त कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी क्योंकि रिश्वत लेना और देना दोनों ही कानूनी अपराध है।
Published on:
10 Dec 2017 12:34 pm
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