
जनपद में चौतरफा पानी के लिए मची त्राहि त्राहि, सड़कों पर उतरे लोग, किया प्रदर्शन
ललितपुर. कवि रहीम दास जी ने कहा था कि "रहिमन पानी राखिए बिन पानी सब सून , पानी गए न ऊबरे मोती मानस चून"। कहने का तात्पर्य यह है कि पानी के बिना कुछ भी नहीं सब कुछ बेकार है अगर पानी नहीं है तो चाहे वह मोती हो चाहे वह आदमी हो और चाहे वह चून यानी आटा हो सभी कुछ बेकार है । और अपने भाषणों में देश के पूर्व प्रधानमंत्री ने कहा था कि अगला युद्ध पानी के लिए होगा और आज यह बात सच साबित हो रही है।
जनपद ललितपुर में चारों तरफ पानी का संकट खड़ा हुआ है बिना पानी के सभी जगहों पर हाहाकार मचा हुआ है । जिसे देखो उसे पानी की आवश्यकता है यहां तक कि पानी के लिए मोहल्लों में मारपीट तक हो चुकी है जिसमें एक किशोरी का खून बहा था। ललितपुर के शहरी इलाके के अलावा ग्रामीण क्षेत्रों में भी पेयजल संकट गहरा गया है। शहर के हो या गांव के निवासी सभी लोग पानी के लिए कतार लगाए हुए है । जहां पर हैंडपंपों की सुविधा है वहां पर भारी भीड़ मौजूद है और जहां पर टैंकरों से पानी की सप्लाई की जा रही है वहां पर भी लंबी लंबी कतारें देखने को मिल रही हैं।
ललितपुर शहर की नेहरु नगर आजादपुरा चांदमारी वसुंधरा कॉलोनी के साथ-साथ लगभग एक दर्जन मोहल्लों में पानी के लिए हाहाकार मचा हुआ है। तो वहीं दूसरी ओर ग्रामीण क्षेत्र रसोई रायपुर बांसी बार देवरान जियावन के साथ जनपद के ऐसे सैकड़ों गांव हैं जिनमें पानी के लिए हाहाकार मचा हुआ है। खासकर पठारी क्षेत्रों के ग्रामीणों पानी के लिए जूझ रहे हैं।
शहर हो या गांव किलोमीटर दूर से अपनी साइकिल पर या सिर पर रखकर लोग पानी का परिवहन कर रहे हैं। हाल ही में मोहल्ला नेहरू नगर के निवासी पानी की समस्या को लेकर सड़कों पर उतर आए जिला प्रशासन मुर्दाबाद पानी नहीं तो मौत दो आदि के नारे लगाते हुए यहां के बाशिंदे शहर की सड़कों से गुजरते हुए कलेक्ट्रेट परिसर तक पहुंचे और वहां पर मटका फोड़ कर विरोध प्रदर्शन किया । तो दूसरी ओर उन्होंने सदर कोतवाली में जाकर पानी की मांग को लेकर अपनी आवाज बुलंद की ।
यहां के निवासियों ने बताया कि यहां पर टैंकरों से पानी की सप्लाई होती थी मगर दो दिन पहले मोहल्ले के पार्षद और पानी के टैंकर चालक मैं विवाद उत्पन्न हो गया जिसमें पार्षद द्वारा टैंकर चालक के खिलाफ मामला भी दर्ज कराया गया जिस पर बिफरे टैंकर चालक ने पानी की सप्लाई बंद कर दी । तो वही ग्रामीण क्षेत्रों में कहीं-कहीं पर टैंकरों से सप्लाई की जा रही है जो कि गांव वालों के लिए नाकाफी साबित हो रही है । तथा गांव वाले किलोमीटर दूर से पानी ढ़ोने में लगे हुए हैं । सुबह से शाम तक घर के आदमी महिलाएं बच्चे केवल पानी लाने में लगे हुये है जिसके चलते जनजीवन अस्त व्यस्त नजर आ रहा है ।
जल स्रोत दे चुके है जबाब
शहरी क्षेत्र की हो या ग्रामीण क्षेत्र के यहां के जलस्रोत जवाब दे चुके हैं । तालाब सूख चुके हैं कुएं में पानी नहीं है तथा हैंडपंप भी अब जवाब देने लगे है । ग्रामीण क्षेत्रों एवं शहरी क्षेत्रों के कई हैंडपंप बेकार पड़े हुए हैं जिनकी मरम्मत तक नहीं करवाई गई जिसके चलते जल संकट गहरा रहा है।
जन प्रतिनिधियों पर लगाये गम्भीर आरोप
मोहल्ला नेहरू नगर के बाशिंदों ने जनप्रतिनिधियों पर गंभीर आरोप लगाए हैं। यह वार्ड नगर पालिका अध्यक्ष रजनी साहू का ग्रह वार्ड है जब नगर पालिका अध्यक्ष के ग्रह बाढ़ की स्थिति ऐसी है तो आप सोच सकते हैं कि पूरे शहर की स्थिति कैसी होगी । यहां के बाशिंदों ने नगर पालिका अध्यक्ष पर आरोप लगाया है कि नगरपालिका चुनावों के दौरान नगर पालिका अध्यक्ष ने पानी की समस्या से निजात दिलाने का वादा किया था ।
उन्होंने टंकी निर्माण का भी वादा किया था मगर वह वादा चुनाव जीतने के साथ ही हवा-हवाई हो गया। वहीं केंद्रीय मंत्री उमा भारती ने भी कहा था कि जिला प्रशासन ने सूखे से निपटने के लिए पर्याप्त संसाधन जुटाए हैं कहीं पर भी पानी की कोई कमी नहीं होने दी जाएगी । मगर उनकी सभी बातें भी वर्तमान समय में हवा-हवाई लग रही हैं ।
इनका कहना है कि...
अपर जिला अधिकारी योगेंद्र बहादुर का कहना है कि जिला प्रशासन अपना काम कर रहा है, हलाकि पानी सप्लाई की मोटर खराब हो गई थी जिन्हें ठीक कर लिया गया है। जल्द ही पानी की व्यवस्था को सुचारू बनाया जाएगा एवं पानी के टैंकरों की सप्लाई को चालू करवा दिया गया है।
Updated on:
03 Jun 2018 01:24 pm
Published on:
03 Jun 2018 09:56 am
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