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कभी स्कूल में टीचर हुआ करता था ये शख्स, 8 सालों में ऐसे बदली जिंदगी कि अब बन गया अरबपति

बायजू ऐप के फाउंडर रवींद्रन देश के नए अरबपति बने आज से 8 साल पहले वह टीचर थे

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UBS USD 150 million funding makes Byju India's most valuable startup

UBS USD 150 million funding makes Byju India's most valuable startup

नई दिल्ली। आज के समय में देश में कई ऐसी कंपनियां है जो ऑनलाइन क्लासेस चलाती हैं और जिनके माध्यम से बच्चे शिक्षा लेते हैं। ऑनलाइन एजुकेशन आज के समय में बच्चों को काफी पसंद आ रही है और इसके माध्यम से लोग काफी कुछ सीख रहे हैं। ऐसी ही एक और कंपनी सामने आई है, जिसने कुछ ही समय में ऑनलाइन ऐजुकेशन एप के माध्यम से अरबों का कारोबार खड़ा कर दिया है। हम बात कर रहै हैं बायजू एप (BYJU) की ।


7 सालों में बने अरबपति

बायजू रवींद्रन पहले स्कूल टीचर थे। ट्यूशन क्लास देते हुए यह आइडिया आया कि क्यों न वह खुद का एक एप लॉन्च करें और बच्चों को उस एप के माध्यम से शिक्षा दें। इस विचार के बाद उन्होंने अपना खुद का एजुकेशन एप डेवलप किया और महज सात सालों में वह अरबपति हो गए हैं। ऑनलाइन एजुकेशन में काम कर रही उनकी कंपनी byju's लगभग 6 बिलियन डॉलर की कंपनी बन गई है।


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ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट से मिली जानकारी

आपको बता दें कि बायजू एप के फाउंडर और सीईओ बायजू रवींद्रन इस समय देश के नए अरबपति बन गए हैं। ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट से मिली जानकारी के अनुसार रवींद्रन की कंपनी थिंक एंड लर्न ने इस महीने 15 करोड़ डॉलर (1,035 करोड़ रुपए) की फंडिंग जुटाई है। इस फंडिग के द्वारा कंपनी के वैल्यूएशन में काफी बड़ोतरी हुई है। बता दें कि इस समय कंपनी की फंडिंग लगभग 5.7 अरब डॉलर (39,330 करोड़ रुपए) हो गई है।

टीम इंडिया की स्पॉन्सर बनी कंपनी

रवींद्रन ने साल 2011 में थिंक एंड लर्न की स्थापना की थी, जिसके बाद साल 2015 में प्रमुख लर्निंग ऐप बायजू लॉन्च किया था। इस एप को लॉन्च करने के बाद उनको लोकप्रियता बड़ती ही गई। इस समय रवींद्रन के पास कंपनी के 21 फीसदी से भी ज्यादा शेयर हैं और वह अरबपति की लिस्ट में शामिल हो गए हैं। बायजू ऐप्प की लोकप्रियता और उसकी तरक्की का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि आज टीम इंडिया की मुख्य स्पॉन्सर है। यानी अब बायजू टीम इंडिया की जर्सी पर ओप्पो की जगह दिखेगी।


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2020 तक बढ़ेगा कारोबार

रवींद्रन ने लोगों को जानकारी देते हुए बताया था कि हनारे देश में पढ़ाई को इंट्रस्टिंग बनाने के लिए कंपनी ने इस एप की शुरूआत की थी। उन्होंने कहा था कि वह ठीक उसी तरह का काम करना चाहते हैं जैसा माउस हाउस (डिज्नी) ने मनोरंजन के लिए किया है। साथ ही उन्होंने कहा कि सस्ते स्मार्टफोन और इंटरनेट प्लान की उपलब्धता इस समय देश में बढ़ती जा रही है। यह बायजू की सफलता का मुख्य कारण है। मार्च 2020 तक इसका रेवेन्यू दोगुने से भी ज्यादा होकर 3,000 करोड़ रुपये पहुंचने की उम्मीद है।

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