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हनुमान के अवतार हैं ये बाबा, Apple और Facebook के मालिक भी ले चुके हैं आशीर्वाद

उत्तराखंड के इस प्रख्यात मंदिर में एप्पल के संस्थापक स्टीव जाॅब्स आैर फेसबुक के संस्थापक मार्क जकरबर्ग भी जा चुके हैं।

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Neem Karoli Baba

हनुमान के अवतार हैं ये बाबा, Apple और Facebook के मालिक भी ले चुके हैं आशीर्वाद

नर्इ दिल्ली। आज 15 जून है आैर आज ही के दिन उत्तराखण्ड के भवाली में स्थित कैंची धाम मंदिर में पूरे विश्वभर से श्रद्धालूं नीम करोली बाबा के दर्शन के लिए बड़े तादाद में पहुंच रहे हैं। दरअसल उत्तराखंड को देवभूमि भी कहा जाता है, जहां सात समंदर पार से भी लोग दर्शन करने आते है। लेकिन अल्मोड़ा-हल्दवानी हार्इवे पर शिप्रा नदी के तट पर स्थित अास्था का विश्व प्रख्यात ये मंदिर भी इसीलिए जाना जाता है। इस मंदिर में आए भक्तों का मानना है कि यहां के नीम करौली बाबा के पास एेसी अलौकिक शक्तियां हैं जो उनके सारे दुख दर्द को दूर कर देती है। सबसे खास बात ये है कि इस बाबा पर भारत ही नहीं बल्कि सिलिकाॅन वैली खूब विश्वास करता है। आइए जानते हैं कि क्यों सिलिकाॅन वैली को इस बाबा पर इतना ज्यादा विश्वास है।


स्टीव जाॅब्स आैर मार्क जकरबर्ग ने किया है इस मंदिर का दर्शन

दुनिया की सबसे दिग्गज कंपनियों में से एक apple inc . के सस्थापक स्टीव जॉब्स को 80 के दशक में अपने मुश्किल वक़्त में बाबा की शरण में आना पड़ा था। एक किताब में जॉब्स ने खुद इस बात की पुष्टि की है। यही नहीं, यहां के अध्यात्म से वह बेहद प्रभावित हुए और सोशल मीडिया की दिग्गज फेसबुक के सस्थापक मार्क जकरबर्ग को भी उन्होंने कैंची धाम जाने के लिए प्रेरित किया। जिस वक्त मार्क जकरबर्ग यहां पहुंचे उस वक्त वे अपने करियर के मुश्किल दौर से गुजर रहे थे। जकरबर्ग ने खुद इस बात का खुलासा किया था कि उन्हें कैंची धाम का अपना अनुभव एप्पल के सस्थापक स्टीव जाॅब्स ने बताया था। जकरबर्क इसके बाद ही यहां पहुंचे थे। जकरबर्ज ने उस वक्त कैंची धाम में तकरीबन पूरा एक हफ्ता गुजारा था। इस एक हफ्ते के समय ने ही जकरबर्ग को नई ऊर्जा से ओतप्रोत कर दिया।


स्टीव जाॅब्स ने अपनी किताब में किया है जिक्र

जॉब्स 1974 से 1976 के बीच कुछ महीनों के लिए भारत आए थे। उनके भारत आने की कहानी भी बड़ी दिलचस्प है। जकरबर्ग कहते हैं कि उन्हें स्टीव जॉब्स ने ही भारत आने की सलाह दी थी उसी तरह जॉब्स को भी उनके एक दोस्त और मार्गदर्शक रॉबर्ट फ्रीडलैंड ने यही सलाह दी थी। 2011 में आई किताब ‘स्टीव जॉब्स’ में वॉल्टर आईजेक्सन लिखते हैं कि रॉबर्ट 1973 में भारत आए थे और नीम करौली बाबा के भक्त बन गए थे।


इसी मंदिर में खत्म हुआ था स्टीव जाॅब्स के गुरू की तलाश

एक रिपोर्ट के अनुसार राॅबर्ट खनन क्षेत्र की कंपनी इवान्हो माइन्स के सीईओ हैं और फोर्ब्स पत्रिका के अनुसार तकरीबन करीब एक से डेढ़ अरब डॉलर के मालिक हैं। किताब ‘स्टीव जॉब्स’ में लिखा गया है कि उनके लिए भारत की यात्रा अपने लिए गुरू की तलाश थी और वे यहां आध्यात्मिक यात्रा पर आना चाहते थे।