17 जनवरी 2026,

शनिवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

विश्व की सबसे पॉवरफुल 50 महिलाओं में अरुंधति भट्टाचार्य दूसरे स्थान पर

फार्च्यून की ओर से विश्व की 50 पॉवरफुल महिलाओं की लिस्ट में एसबीआई की प्रमुख अरुंधति भट्टाचार्य को दूसरा स्थान मिला है।

2 min read
Google source verification

image

Pawan Kumar Rana

Sep 13, 2016

Arundhati Bhattacharya

Arundhati Bhattacharya

नई दिल्ली। फार्च्यून की ओर से विश्व की 50 पॉवरफुल महिलाओं की लिस्ट में SBI की प्रमुख अरुंधति भट्टाचार्य को दूसरा स्थान मिला है। ये लिस्ट अमरीका से बाहर की महिलाओं की है। इसी लिस्ट में ICICI बैंक की प्रमुख चंदा कोचर को 5वां और एक्सिस बैंक की चीफ शिखा शर्मा को 19वां स्थान मिला है। इस सूची में नंबर वन पर बैंको सैन्तेंदर की प्रमुख ऐना पेट्रीशिया बोतिन हैं।

अरुंधति भट्टाचार्य ने मई 2016 में एसबीआई के छह अन्य समूहों के साथ विलय योजना में प्रमुख भूमिका निभाई जो पूरी हुई तो यह एशिया का सबसे बड़ा बैंक बना जाएगा। फार्च्यून ने कहा कि हालांकि एसबीआई प्रमुख के तौर पर उनका कार्यकाल अक्तूबर में खत्म हो रहा है लेकिन उम्मीद है कि सरकार उन्हें सेवा विस्तार देगी। भट्टाचार्य ने बैंकों के NPA- एनपीए (नॉन-परफॉर्मिंग एसेट) के साथ निपटने की कोशिश जारी रखी है। फार्च्यून ने कहा, भट्टाचार्य का दर्जा भारत के सबसे बड़े बैंक के प्रमुख के तौर पर तीन साल के कार्यकाल के दौरान बढ़ा।

Chanda-Kochhar-1454994797.jpg" border="0">

फार्च्यून ने कहा कि आईसीआईसीआई बैंक की प्रबंध निदेशक और मुख्य कार्यकारी 54 वर्षीय, कोचर को प्रतिद्वंद्वी बैंकरों का प्रतिद्वंद्वी माना जाता है। उनकी प्रशस्ति में कहा गया कि भारत के निजी क्षेत्र के सबसे बड़े और 139 अरब डालर की एकीकृत परिसंपत्ति वाले बैंक के प्रमुख के तौर पर उन्होंने देश के उपभोक्ता खुदरा कारोबार में आमूल परिवर्तन किया। Fortune ने कहा कि हालांकि वसूल न किए जा सकने वाले कर्ज के कारण इस साल आय वृद्धि पर असर हुआ लेकिन कोचर ने कायाकल्प से जुड़े विशेषज्ञों के साथ संपर्क किया ताकि उन दबाव वाली परिसंपत्तियों का असर दरकिनार किया जा सके।



फार्च्यून ने कहा कि 57 वर्षीय शिखा शर्मा ने एक्सिस को एक अनाम बैंक से देश के निजी क्षेत्र के सबसे अधिक तेजी से वृद्धि दर्ज करने वाले बैंक में तब्दील कर दिया जिसका राजस्व 2015 में 15 प्रतिशत बढ़कर 7.9 अरब डालर हो गया इसकी 1,800 शहरों तथा कस्बों में 3000 शाखाएं हैं।

ये भी पढ़ें

image