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नीदरलैंड के इंसाल्वेंसी डिपार्टमेंट ने जेट एयरवेज के खिलाफ NCLT में दायर की याचिका

Jet Airways के खिलाफ नीदरलैंड के इंसाल्वेंसी डिपार्टमेंट ने NCLT में याचिका दायर की है। Jet Airways ने अप्रैल में अपनी उड़ानों का परिचालन बंद कर दिया था।
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Shivani Sharma

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Updated: 12 Jul 2019, 4:08 PM IST

jet airways

नीदरलैंड के इंसाल्वेंसी डिपार्टमेंट ने जेट एयरवेज के खिलाफ NCLT में दायर की याचिका

नई दिल्ली। जेट एयरवेज की परेशानियां कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। नीदरलैंड ( Netherlands ) के इंसाल्वेंसी विभाग ने शुक्रवार को जेट एयरवेज ( Jet Airways ) के खिलाफ राष्ट्रीय कंपनी विधि अपीलीय न्यायाधिकरण ( NCLT ) अपली दायर की जिसमें एनसीएलटी की मुंबई पीठ के एक निर्णय को चुनौती दी गयी है, जिसमें उसने उसकी अर्जी खारिज कर दी थी। अपीलीय न्यायाधिकरण ने उसकी अपील की सुनवाई पर सहमति जतायी है।


जेट एयरवेज के खिलाफ चल रही दिवाला प्रक्रिया

अपीलीय न्यायाधिकरण के चेयरमैन न्यायमूर्ति एस जे मुखोपाध्याय की अध्यक्षता वाली तीन सदस्यीय एनसीएलएटी पीठ ने नीदरलैंड की एजेंसी के प्रशासक से भारत में जेट एयरवेज के खिलाफ चल रही दिवाला प्रक्रिया में सहयोग करने को कहा है। नीदरलैंड के ऋण शोधन अदालत के प्रशासक अपीलीय न्यायाधिकरण के समक्ष कर्ज में डूबी जेट एयरवेज की जब्त संपत्ति नहीं बेचने पर सहमति जतायी है।


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दो सप्ताह में बैंकों को देना है जवाब

एनसीएलएटी ने नीदरलैंड की एजेंसी द्वारा उठाए गए मुद्दे पर जेट एयरवेज को कर्ज दे रखे बैंकों के समूह को नोटिस जारी कर दो सप्ताह के भीतर जवाब देने को कहा। मामले की अगली सुनवाई 21 अगस्त को होगी। इससे पहले एनसीएलटी मुंबई ने नीदरललैंड की एजेंसी की अपील खारिज कर दी थी। अपील में उनके यहां जारी कार्यवाही पर गौर करने को कहा गया था। जेट एयरवेज को नीदरलैंड में दिवाला एवं ऋण शोधन प्रक्रिया का सामना करना पड़ रहा है।


280 करोड़ रुपये के बकाया का किया दावा

कंपनी को दो यूरोपीय कर्जदाताओं की शिकायत पर दिवाला घोषित किया गया है। अप्रैल में एच एस्सार फाइनेंस कंपनी तथा वेलनेबार्न ट्रांसपोर्ट ने याचिका दायर कर करीब 280 करोड़ रुपये के बकाये का दावा किया था। उसके बाद नीदरलैंड की अदालत ने एक न्यासी प्रभारी की नियुक्ति की और वह एयरलाइन की वित्तीय स्थिति तथा संपत्ति पर नियंत्रण हासिल करने के लिए भारत में संबंधित विभाग से संपर्क किया था। जेट एयरवेज का एक विमान पहले ही नीदरलैंड में जब्त किया जा चुका है। भारतीय स्टेट बैंक की अगुवाई में 26 बैंकों का समूह कंपनी से 8,500 करोड़ रुपये की वसूली को लेकर एनसीएलटी में मामला दायर किया है।

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