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फ्लिपकार्ट-वाॅलमार्ट डील के खिलाफ CCI में अपील, CAIT ने दायर की याचिका

सीएआर्इटी ने वॉलमार्ट-फ्लि‍पकार्ट डील के खि‍लाफ कॉम्‍पीटि‍शन कमीशन ऑफ इंडि‍या (सीसीआई) में अपनी याचि‍का दायर की है।

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Saurabh Sharma

May 28, 2018

Flipkart walmart deal

फ्लिपकार्ट-वाॅलमार्ट डील के खिलाफ CCI में अपील, CAIT ने दायर की याचिका

नई दि‍ल्‍ली। जब से वाॅलमार्ट आैर फ्लिपकार्ट के बीच दुनिया की सबसे बड़ी र्इ-काॅमर्स डील हुर्इ है तब से इस डील को लेकर काफी आशंकाएं आैर विरोध के सुर उठ रहे हैं। देश में इस डील को अजीब आैर गुस्से से भरा मिलाजुला माहौल बना हुआ है। ताज्जुब की बात तो ये है कि अभी इस डील काे एक महीना भी नहीं हुआ है। अब इस डील को लेकर एक आैर बात सामने आर्इ है। एक संगठन ने इस डील को कॉम्‍पीटि‍शन कमीशन ऑफ इंडि‍या में अपील दायर कर दी है। जिसमें इस डील को लेकर कर्इ तरह के आरोप लगाए हैं। आइए जानते हैं कि इस अपील को किसने दाखिल किया है आैर इसमें किस तरह के आरोप लगाए गए हैं?

इस संगठन ने की अपील
ट्रेडर्स बॉडी कॉन्‍फेडरेशन ऑफ ऑल इंडि‍या ट्रेडर्स (सीएआर्इटी) ने वॉलमार्ट-फ्लि‍पकार्ट डील के खि‍लाफ कॉम्‍पीटि‍शन कमीशन ऑफ इंडि‍या (सीसीआई) में अपनी याचि‍का दायर की है। सीएआर्इटी के मुताबिक इस डील से अनुचि‍त प्रति‍स्‍पर्धा पैदा होगी और घरेलू कंपनि‍यों को बराबरी का मौका नहीं मि‍लेगा। सीएआर्इटी के अनुसार डील से नॉन प्रेफर्ड सेलर्स को मार्केट में पहुंच नहीं मि‍ल पाएगी और इससे ऑफलाइन प्‍लेटफॉर्म के छोटे ट्रेडर्स पर भी असर पड़ेगा

सीएआर्इटी ने लगाए आरोप
सीएआर्इटी ने अपनी अपील में कर्इ तरह के आरोप भी लगाए हैं। उनका कहना है कि इन दो कंपनि‍यों के वि‍लय से अनुचि‍त प्रति‍स्‍पर्धा पैदा होगी और इस क्षेत्र में बराबरी का मौका नहीं मि‍लेगा। इसके अलावा, ये कंपनि‍यां पहले से कीमतें तय करने और भारी डि‍स्‍काउंट का फायदा उठाएंगी। सीएआर्इटी ने दावा कि‍या है कि फ्लि‍पकार्ट एक एक्‍सक्‍लूजि‍व टाई-अप्‍स और खास सेलर्स का कम्‍बि‍नेशन है, जहां ऑनलाइन वेंडर्स को भी पक्षपात का सामना करना पड़ता है। वहीं, वॉलमार्ट फ्लि‍पकार्ट.कॉम के प्‍लेटफॉर्म पर मौजूद इंवेंटरी को सीधे या एसोसिएटेड प्रेफ्रर्ड सेर्ल्‍स के जरि‍ए बेचेगी। उन्‍होंने यह भी कहा है कि‍ इससे ऑफलाइन और ऑनलाइन सेलर्स दोनों का नुकसान होगा।

एफडीआर्इ के पाॅलिसी के खिलाफ है डील
सीएआर्इटी ने आरोप लगाया है कि यह डील कानून और सरकार की एफडीआई पॉलि‍सी को धोखा देने के लि‍ए है क्‍योंकि‍ वॉलमार्ट का असल मकसद देश के रि‍टेल ट्रेड में उतरना है। ई-कॉमर्स या रि‍टेल ट्रेड पर पॉलि‍सी का अभाव है, इसलि‍ए वॉलमार्ट के लि‍ए रि‍टेल मार्केट तक पहुंचने का यह आसान तरीका है। आपको बता दें कि कुछ हफ्तों पहले वाॅलमार्ट आैर फ्लिपकार्ट के बीच करीब एक लाख करोड़ रुपए की डील हुर्इ है। जिसे दुनिया की सबसे बड़ी र्इ-काॅमर्स माना गया है।