अनिल अंबानी की और बढ़ी मुश्किलें, Reliance Communication से चीनी बैंकों ने मांगा 1.46 लाख करोड़ रुपए

अनिल अंबानी की और बढ़ी मुश्किलें, Reliance Communication से चीनी बैंकों ने मांगा 1.46 लाख करोड़ रुपए

Manish Ranjan | Updated: 18 Jun 2019, 05:43:05 PM (IST) कॉर्पोरेट

अनिल अंबानी की Reliance Communication को तगड़ा झटका, अब चीन रुस समेत ये देश मांग रहे हैं अपना पैसा

नई दिल्ली। मुश्किलों से घिरे दिग्गज कारोबारी अनिल अंबानी की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही है। भारत के बाद अब चीन ने भी अनिल अंबानी ( Anil Ambani ) से पैसा मांगना शुरु कर दिया है। दरअसल चीन की तीन प्रमुख बैंकों समेत कई बैंकों ने अनिल अंबानी की कंपनी रिलायंस कम्युनिकेशन ( Reliance Communication ) ने 2.1 बिलियन डॉलर (1.46 लाख करोड़ रुपए) की मांग की है।

चीन की इन बैंको का इतना बकाया

ब्‍लूमबर्ग की एक रिपोर्ट के अनुसार, स्टॉक एक्सचेंज में एक भारतीय कंपनी द्वारा की गई फाइलिंग के अनुसार चीन की तीन बड़ी बैंक चाइना डेवलपमेंट बैंक, इंडस्ट्रियल एंड कमर्शियल बैंक ऑफ़ चाइना और एक्ज़िम बैंक ऑफ़ चाइना ने अनिल अंबानी ( Anil Ambani ) की कंपनी से 2.1 बिलियन डॉलर (1.46 लाख करोड़ रुपए) की मांग की है। सरकारी चायना डेवलपमेंट बैंक 98.6 बिलियन रुपये (1.4 बिलियन डॉलर) के साथ इस दूरसंचार कंपनी का सबसे बड़ा लेनदार है। वहीं एग्जिम बैंक ऑफ चाइना ने 33.6 बिलियन रुपये की मांग की है और इंडस्ट्रियल एंड कमर्शियल बैंक ऑफ चाइना ने 15.54 बिलियन रुपये का दावा किया है।

रुस, लंदन भी कर रहे मांग

केवल चीन के बैंक ही नही बल्कि रुस, लंदन, हांगकांग समेत अन्य देशों के बैंक भी अनिल अंबानी की कंपनी रिलायंस कम्युनिकेशन ( Reliance Communication ) पर पैसो का दावा कर रहे हैं। आपको बता दें कि रुस का इन्वेस्टमेंट बैंक VTB Capital of Russia, लंदन का Standard Chartered Bank, हांगकांग का Deutsche बैंक भी कंपनी के वित्तीय लेन-देन में शामिल है।

जेल जाने से बच चुके हैं अनिल अंबानी

मार्च महीने के दौरान अनिल अंबानी पर मुसीबतें इतनी बढ़ गई थी कि जेल जाने की नौबत आ गई थी। तब उनके बड़े भाई मुकेश अंबानी ने 80 मिलियन डॉलर की मदद कर उन्हें जेल जाने से बचाया था। इससे पहले मुकेश अंबानी की कंपनी रिलायंस जियो इन्फोकॉम लिमिटेड ने 173 बिलियन रुपये में रिलायंस कम्युनिकेशंस की संपत्ति खरीदने की पेशकश की थी, लेकिन कानूनी बाधाओं के कारण यह सौदा नहीं हो सका।

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