
Credit Suisse Report: FB invest Jio will help Ril to become debt free
नई दिल्ली। जब से रिलायंस जियो ( Reliance JIO ) और फेसबुक ( Facebook ) के बीच के करार की खबरें आई है तब से इस बात पर ज्यादा जोर देखने को मिल रहा है कि इस डील से रिलायंस इंडस्ट्रीज ( Reliance Industries ) को कितना फायदा होगा। खासकर आरआईएल ( RIL ) के कर्ज को कम करने में यह डील कितनी कारगर साबित होगी। दुनियाभर की एजेंसियों की ओर से इस मामले में राय रखी थी। इस बार क्रेडिट सुइस रिपोर्ट ( Credit Suisse Report ) आई है। जिसने कहा है कि इस डील से रिलायंस को अपने कर्ज को खत्म करने में काफी मदद मिलेगी। आपको बता दें कि डील के तहत फेसबुक के पास जियो 9.99 फीसदी शेयर हैं और फेसबुक जियो करीब 44 हजार करोड़ रुपए का निवेश करेगा। जानकारों की मानें माइनोरिटी लेवल पर एफडीआई के तहत भारत में यह अब तक की सबसे बड़ी डील है। आइए आपको भी बताते हैं कि आखिर क्रेडिट सुइस की ओर से अपनी रिपोर्ट में क्या कहा गया है।
मार्च 2021 तक कर्ज से मुक्ति मिलना संभव
क्रेडिट सुइस अपनी रिपोर्ट में कहा है कि जियो प्लेटफॉम्र्स में फेसबुक का करीब 44,000 करोड़ रुपये का निवेश रिलायंस इंडस्ट्रीज को मार्च 2021 तक अपना कर्ज खत्म करने में मदद करेगा। रिपोर्ट के अनुसार सौदे के नकदी प्रवाह से आरआईएल को कुल शुद्ध ऋण में कमी लाने में मदद मिलेगी और कंपनी को मार्च 2021 तक शून्य शुद्ध ऋण प्राप्त करने के अपने लक्ष्य की ओर बढऩे में मदद मिलेगी। हाल ही में घोषणा की गई है कि 43,574 करोड़ रुपये के निवेश के साथ फेसबुक जियो प्लेटफॉम्र्स में 9.99 प्रतिशत हिस्सेदारी का अधिग्रहण करेगा। कर्ज में कमी के अलावा, रिलायंस इंडस्ट्रीज को तकनीकी मोर्चे पर भी फायदा होगा। रिपोर्ट में कहा गया है कि व्हाट्सएप का बड़ा यूजर्स आधार जियोमार्ट ऐप को अपनाने में भी काफी तेजी ला सकता है।
फेसबुक को भी होगा फायदा
सौदे से फेसबुक के लिए लाभ पर क्रेडिट सुइस ने कहा कि भारत में सबसे बड़ी खुदरा कंपनी के साथ साझेदारी से इसकी वाणिज्य पेशकश मजबूत होगी। इसके अलावा जियो का पहले से तैयार बड़ा टेलीकॉम इंफ्रास्ट्रक्चर भी फेसबुक के नए युग के उत्पादों की रीढ़ होगा। उल्लेखनीय है कि हाल ही में जियो व फेसबुक की साझेदारी की घोषणा के बाद क्रेडिट सुइस ने कहा था कि फेसबुक का निवेश आरआईएल की डिजिटल पहल को भी आगे बढ़ाने में मदद करेगा। वहीं दूसरी ओर फेसबुक द्वारा रिलायंस जियो में इक्विटी हिस्सेदारी खरीदने से मैसेंजर प्लेटफॉर्म को उपभोक्ता और किराने की दुकान के बीच होने वाले वाणिज्यिक लेनदेन से लाभ मिलने की उम्मीद भी जताई गई है।
Updated on:
28 Apr 2020 09:30 am
Published on:
28 Apr 2020 09:29 am
बड़ी खबरें
View Allकॉर्पोरेट वर्ल्ड
कारोबार
ट्रेंडिंग
