
नई दिल्ली। दूरसंचार विभाग (डीओटी) ने सोमवार को भारती एयरटेल और नार्वे की दूरसंचार कंपनी की भारतीय इकाई टेलीनॉर इंडिया के विलय को मंजूरी दे दी। डीओटी की तरफ से जारी अधिसूचना में कहा गया है कि डीओटी ने टेलीनॉर इंडिया के सभी लाइसेंसों और दायित्वों का हस्तांतरण भारती एयरटेल को कर दिया है। डीओटी ने यह अधिसूचना सुप्रीम कोर्ट द्वारा पिछले हफ्ते उसके द्वारा भारती एयरटेल को टेलीनॉर इंडिया के अधिग्रहण को मंजूरी देने से पहले पूर्व शर्त के रूप में 1,449 करोड़ रुपए की बैंक गारंटी जमा कराने के आदेश को रद्द करने के बाद जारी की है। भारती एयरटेल को टेलीनॉर इंडिया के प्रस्तावित विलय के लिए पिछले साल जून में भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (सेबी), बीएसई (बम्बई स्टॉक एक्सचेंज), नेशनल स्टॉक एक्सचेंज ऑफ इंडिया (एनएसई) और भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग की मंजूरी मिल गई थी।
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टेलीनॉर के विलय से 7 सर्किल में मजबूत होगी एयरटेल
टेलीनॉर का विलय करने के बाद देश की बड़ी कंपनियों में शुमार एयरटेल का नेटवर्क और मजबूत हो जाएगा। इस विलय से एयरटेल को सात सर्किलों में मजबूती मिलेगी। टेलीनॉर आंध्रप्रदेश, बिहार, महाराष्ट्र, गुजरात, यूपी (ईस्ट), यूपी (वेस्ट) और असम सर्किलों में अपना संचालन करती है। हालांकि इनमें से कई सर्किलों में एयरटेल पहले से संचालित है लेकिन टेलीनॉर के विलय के बाद यह और मजबूत हो जाएगी। इस विलय के बाद इन सर्किल में एयरटेल की ग्राहक संख्या भी बढ़ सकती है। आपको बता दें कि एयरटेल-टेलीनॉर के विलय को नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल पहले ही मंजूरी दे चुका है।
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जियो को टक्कर देने के लिए अधिग्रहण कर रही एयरटेल
देश की बड़ी कंपनियों में शुमार भारती एयरटेल को टेलीकॉम सेक्टर में रिलायंस जियो से कड़ी टक्कर मिल रही है। जियो से मुकाबला करने के लिए एयरटेल छोटी-छोटी टेलीकॉम कंपनियों के अधिग्रहण पर फोकस कर रही है। टेलीनॉर के विलय को भी इससे जोड़कर देखा जा रहा है। आपको बता दें कि टेलीकॉम बाजार में अपना दबदबा बनाए रखने के लिए एयरटेल और जियो समय-समय पर ऑफर जारी करती रहती हैं। इससे ग्राहकों को भी फायदा हो रहा है।
Published on:
14 May 2018 07:38 pm
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